मालेगांव 30 अक्टूबर 2026। सरकारी सेवा से विदाई में महज दो दिन बाकी थे, लेकिन रिटायरमेंट से पहले ही मालेगांव नगर निगम आयुक्त रवींद्र जाधव को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (ACB) ने रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कर लिया। एक ठेकेदार से बिल पास करने के बदले 80 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने यह कार्रवाई की है। मामले में आयुक्त समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने आयुक्त के आवास की तलाशी भी ली।
जानकारी के मुताबिक ठेकेदार ने एसीबी में शिकायत की थी कि नगर निगम आयुक्त रवींद्र जाधव बिल पास करने के बदले चार फीसदी के हिसाब से 80 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई की। इस मामले में आयुक्त के साथ दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। रवींद्र जाधव 31 अक्टूबर 2026 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले थे। यानी रिटायरमेंट से महज दो दिन पहले हुई इस कार्रवाई ने मालेगांव नगर निगम के प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।
2019 में भी रिश्वत लेते पकड़े गए थे
रवींद्र जाधव इससे पहले भी रिश्वत के एक मामले में एसीबी की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। 14 जनवरी 2019 को धुले नगर निगम में उपायुक्त रहते हुए, प्रभारी अतिरिक्त आयुक्त की जिम्मेदारी संभालने के दौरान, एसीबी ने उन्हें उनके आवास पर एक शिक्षक से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। जाधव ने 16 दिसंबर 2023 को मालेगांव नगर निगम आयुक्त और प्रशासक के रूप में कार्यभार संभाला था। उनकी नियुक्ति के समय भी स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ था। मालेगांवकर विधायक संघर्ष समिति ने प्रदर्शन कर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। फिलहाल एसीबी की कार्रवाई के बाद मामले की जांच जारी है।


