बलरामपुर 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक सरकारी स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक को कथित तौर पर धमकाकर पैसों की मांग करने का मामला सामने आया है। शिक्षक ने आरोप लगाया है कि खुद को पत्रकार बताकर आरोपियों ने स्कूल का वीडियों शूट कर शिक्षक से 10 हजार रुपये मांगने और पैसे नहीं देने पर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने यूट्यूबर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला बलरामपुर के पस्ता थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार पस्ता क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल पुटसु में पदस्थ सहायक शिक्षक और प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यूट्यूबर दीपक यादव और उसके साथियों ने अपने फाउंडेशन के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। बताया गया कि 25 अगस्त 2026 को दोपहर करीब एक बजे श्रवण यादव और सूर्या यादव स्कूल पहुंचे और बिना अनुमति वीडियो बनाने लगे। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया और पैसे नहीं देने पर वीडियो को यूट्यूब और फेसबुक पर वायरल कर बदनाम करने की धमकी दी।
साथ ही शिक्षक को नौकरी से निलंबित कराने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक यूट्यूबर दीपक यादव ने अन्य आरोपियों की मदद से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। शिक्षक की शिकायत के आधार पर पस्ता थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 221, 351(2), 308(2), 356(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता शिक्षक और गवाहों के बयान दर्ज किए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों के स्क्रीनशॉट से संबंधित पेन ड्राइव भी जब्त की गई।
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज, फिर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार शिक्षक की शिकायत पर थाने में अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी दीपक यादव ने बिलासपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों में यूट्यूबर दीपक यादव (23), निवासी टांगरमहरी, बलरामपुर; श्रवण यादव (34), निवासी ग्राम पुटसु, थाना पस्ता; और सूर्या यादव (20), निवासी बलरामपुर शामिल हैं। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले के बाद बलरामपुर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है।


