धमतरी 23 सितंबर 2026। धमतरी जिले के ग्राम कोरा में SBI के कियोस्क सेंटर से जुड़ा एक बड़ा बैंकिंग फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि कियोस्क संचालक ने करीब 10 वर्षों की अवधि में 29 खाताधारकों से रकम लेकर उनके नाम पर फर्जी FD तैयार की और बैंक रिकॉर्ड में जमा किए बिना रकम का गबन कर लिया। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब कुछ खाताधारक अपनी FD की रकम निकालने के लिए बैंक पहुंचे। बैंक में जांच के दौरान पता चला कि उनके नाम पर ऐसी कोई FD दर्ज ही नहीं थी। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस के अनुसार कुल 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक कियोस्क संचालक आरोपी केशव राम साहू ने ग्रामीणों से FD कराने के नाम पर पैसे लिए और उन्हें बैंक की FD से संबंधित दस्तावेज और आईडी उपलब्ध कराई। खाताधारकों को भरोसा था कि उनकी रकम बैंक में सुरक्षित जमा है। लेकिन जब FD की अवधि पूरी होने के बाद ग्राहक रकम लेने बैंक पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि बैंक के रिकॉर्ड में उनके नाम से FD मौजूद ही नहीं है। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक यह मामला 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच का है। इस दौरान आरोपी पर धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना के जरिए खाताधारकों की रकम हड़पने का आरोप है।
इस मामले में SBI के अनुबंध पर कियोस्क संचालन कराने वाली संस्था एनआईसीटी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर ने भखारा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर पहुंची। गवाहों की मौजूदगी में वहां से 29 हितग्राहियों के फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD बॉन्ड पेपर बरामद किए गए। इसके अलावा एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है।
पुलिस के अनुसार केशव राम साहू को ग्राम कोरा में SBI के कियोस्क यानी ग्राहक सेवा केंद्र के संचालन के लिए नियुक्त किया गया था। उसकी नियुक्ति SBI के अनुबंध पर कियोस्क संचालन कराने वाली संस्था एनआईसीटी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से हुई थी। इसी वजह से ग्रामीण बैंकिंग से जुड़े कामों के लिए उस पर भरोसा करते थे। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 21 सितंबर 2026 को केशव राम साहू को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे कुरूद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


