नई दिल्ली 23 सितंबर 2026। स्मार्टफोन की स्क्रीन को खरोंच और टूटने से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को लेकर केंद्र सरकार ने नए नियम लागू करने की तैयारी की है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन स्कीम (CRS) के दायरे में शामिल किया है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। सरकार के इस कदम का मकसद बाजार में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर्स की गुणवत्ता को तय मानकों के अनुरूप करना है। इसके बाद निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर्स की बिक्री करना आसान नहीं होगा।
नए नियम सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। सरकारी आदेश में स्क्रीन प्रोटेक्टर्स की कीमत बढ़ाने का कोई सीधा प्रावधान नहीं है। हालांकि, निर्माताओं और आयातकों को उत्पादों की टेस्टिंग और निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रमाणन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। ऐसे में कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और भविष्य में इसका कुछ असर उत्पादों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। लेकिन अभी यह कहना संभव नहीं है कि टेम्पर्ड ग्लास कितने महंगे होंगे।
1 अप्रैल 2027 से क्या बदलेगा
नए नियमों के तहत स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को IS 19348:2025 के निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। यानी निर्माता और आयातक बाजार में उत्पाद उपलब्ध कराने से पहले यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित स्क्रीन प्रोटेक्टर निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता हो। फिलहाल इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में बिक रहे सभी पुराने टेम्पर्ड ग्लास तुरंत बंद हो जाएंगे। कंपनियों को नए नियमों के अनुरूप तैयारी के लिए समय दिया गया है।
टेम्पर्ड ग्लास की क्वालिटी भी होगी जांच
नए मानकों में स्क्रीन प्रोटेक्टर की मजबूती, आकार और स्क्रीन की स्पष्टता जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सामान्य ग्लास के लिए न्यूनतम 89 प्रतिशत लाइट क्लेरिटी, जबकि प्राइवेसी ग्लास के लिए न्यूनतम 59 प्रतिशत लाइट क्लेरिटी का मानक बताया गया है। इसके अलावा ग्लास की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ 500 MPa और बेंडिंग स्ट्रेंथ 200 MPa का मानक भी निर्धारित किया गया है।
बुलबुले और खरोंच वाले स्क्रीन गार्ड पर भी नजर
स्क्रीन प्रोटेक्टर की सतह पर मौजूद खामियों की भी जांच होगी। ग्लास में बुलबुले, खरोंच, दरार और रफ किनारे जैसी समस्याओं को लेकर गुणवत्ता मानक तय किए गए हैं। इसके अलावा अगर किसी ग्लास पर एंटी-ग्लेयर, ब्लू-लाइट फिल्टर, ओलेओफोबिक कोटिंग, एंटी-शैटर फिल्म या प्राइवेसी फिल्म जैसे फीचर का दावा किया जाता है तो उनकी भी जांच होगी। नए नियमों के तहत स्क्रीन प्रोटेक्टर की पैकेजिंग पर निर्माता का नाम, बैच नंबर, निर्माण की तारीख, ग्लास की मोटाई और संबंधित BIS मार्क जैसी जानकारी स्पष्ट रूप से देना जरूरी होगा।इससे ग्राहक को खरीदारी के समय उत्पाद से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
ग्राहकों को क्या करना होगा?
अभी ग्राहकों को अपने मौजूदा टेम्पर्ड ग्लास को बदलने की जरूरत नहीं है। नए नियम का मुख्य असर 1 अप्रैल 2027 से बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले उत्पादों पर पड़ेगा। यानी आने वाले समय में टेम्पर्ड ग्लास खरीदते वक्त ग्राहक के पास सिर्फ कीमत और ब्रांड ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता मानक और BIS संबंधी जानकारी देखने का विकल्प भी होगा। ध्यान देने वाली बात: नए नियम से कीमतें बढ़ेंगी या नहीं, इस पर अभी कोई निश्चित सरकारी कीमत निर्धारित नहीं की गई है। इसका वास्तविक असर कंपनियों की लागत और बाजार की कीमतों पर निर्भर करेगा।


