रायपुर, 16 सितंबर। राजधानी रायपुर के मोवा इलाके से 17 वर्षीय किशोर को कार में अगवा कर भिलाई ले जाकर बुरी तरह पीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर पहले कार में किशोर से मारपीट की गई। इसके बाद भिलाई के एक मैदान में करीब 10-11 युवकों ने बेसबॉल और क्रिकेट बैट से उसकी पिटाई कर दी। हमले में किशोर के जबड़े में तीन जगह फ्रैक्चर हुआ है। गंभीर हालत में उसे रायपुर डेंटल कॉलेज रेफर किया गया है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, 10 सितंबर को अनिकेत साहू को मोवा के दलदल सिवनी रोड से परिचित अरमान सिद्दीकी, रोशन सोनी, मुदित मिश्रा और शिव सोनी वरना कार में बैठाकर ले गए। आरोप है कि कार में बैठाने के बाद ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद उसे माना की ओर ले जाया गया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि कुम्हारी टोल प्लाजा के पास अनिकेत से ब्रेसलेट, चेन, अंगूठी, दो मोबाइल और करीब 40 हजार रुपये नकद छीन लिए गए। परिजनों के मुताबिक, यह नकदी उसके दोस्त की थी।
आरोपियों पर मोबाइल से सिम कार्ड निकालने का भी आरोप है। आरोप है कि इसके बाद अनिकेत को भिलाई के एक मैदान में ले जाया गया। वहां कुछ और युवक पहुंच गए। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, करीब 10-11 युवकों ने मिलकर उसकी पिटाई की। इस दौरान बेसबॉल और क्रिकेट बैट का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। मारपीट में किशोर के चेहरे और जबड़े में गंभीर चोटें आईं। मेडिकल जांच में जबड़े में तीन जगह फ्रैक्चर सामने आया है।
दो पुलिसकर्मियों पर भी लगाए गंभीर आरोप
मामले में पीड़ित पक्ष के रिश्तेदार लिखेश साहू ने दो पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पुलिसकर्मी घटना के दौरान मौके पर पहुंचे और आरोपियों का पक्ष लेते नजर आए। आरोप है कि घायल किशोर को कपड़े पहनने की बात कही गई और आरोपियों को थाने जाकर खुद को पीड़ित बताकर शिकायत करने की सलाह दी गई। हालांकि, पुलिसकर्मियों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के दौरान इन आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रोशन सोनी और अरमान सिद्दीकी के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। दोनों के बयान बदलने की बात भी सामने आई है। पुलिस घटना की वजह, अपहरण से लेकर भिलाई में हुई मारपीट तक पूरे घटनाक्रम और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामला दुर्ग जिले के जामुल थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस ने अपहरण, लूट, मारपीट और धमकी समेत कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस की सख्ती के बीच कानून-व्यवस्था पर सवाल
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है। इसके बावजूद किशोर को कथित तौर पर कार में बैठाकर शहर से बाहर ले जाना और फिर कई युवकों द्वारा मिलकर उसकी पिटाई किए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर इस बात की जांच जरूरी है कि आखिर इतने लोग एक नाबालिग को लेकर एक जगह से दूसरी जगह कैसे ले गए और लंबे समय तक उसके साथ मारपीट कैसे होती रही। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।


