कोरबा 15 सितंबर 2026। कोरबा के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में एसईसीएल की खदानें एक बार फिर कबाड़ चोरों के निशाने पर हैं। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद खदानों में डकैती और चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला सुराकछार के 4 नंबर खदान का है, जहां दर्जनभर से ज्यादा बदमाशों ने खदान परिसर में घुसकर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की और कीमती कॉपर केबल काटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन बालिग और सात नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 50 मीटर कॉपर केबल और सात मोबाइल फोन जब्त किए हैं। वहीं फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक डकैती की ये वारदात बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के सुराकछार माइंस का है। बताया जा रहा है कि 13 और 14 सितंबर की दरम्यानी रात सुराकछार के 4 नंबर खदान में सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान एक दर्जन से ज्यादा लोग बाउंड्रीवाल फांदकर खदान परिसर में दाखिल हुए। आरोप है कि बदमाशों ने गार्ड को घेर लिया और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। गार्ड को काबू करने के बाद आरोपी खदान के अंदर पहुंचे और चालू लाइन की कॉपर केबल काटकर अपने साथ ले गए। चोरी की गई केबल की कीमत करीब 50 से 55 हजार रुपये बताई जा रही है।
10 आरोपी गिरफ्तार, सात नाबालिग शामिल
सूचना मिलने के बाद बांकीमोंगरा पुलिस ने घेराबंदी कर 10 आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार बालिग आरोपियों में 23 वर्षीय गौरव सिंह कंवर उर्फ मोन्टी, 19 वर्षीय सुमित कुमार और 18 वर्षीय सुनील कुमार कंवर उर्फ रिंकू शामिल हैं। इनके साथ सात नाबालिगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर करीब 50 मीटर केबल और वारदात में इस्तेमाल किए गए सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस कार्रवाई के बाद भी लगातार जारी है डकैती की वारदात
बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में एसईसीएल की खदानों में लगातार सामने आ रही चोरी और डकैती की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले दिनों भी पुलिस ने एसईसीएल की खदानों में डकैती की तीन वारदातों का खुलासा करने और आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की थी। इसके बावजूद एक बार फिर दर्जनभर से ज्यादा बदमाशों का खदान परिसर में घुसना, सुरक्षा गार्ड से मारपीट करना और कॉपर केबल काटकर ले जाना कई सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि अगर खदानों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी है, तो इतने बड़े समूह में बदमाश आखिर खदान परिसर तक पहुंच कैसे रहे हैं ?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल चोरी के माल के नेटवर्क को लेकर है। पुलिस हर बार खदान में घुसकर चोरी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करती है, लेकिन खदानों से चोरी होने वाले महंगे कबाड़ और कॉपर केबल की खरीद करने वाले कथित बड़े कबाड़ कारोबारियों तक कार्रवाई कब पहुंचेगी, यह सवाल अब भी बना हुआ है। आखिर चोरी की गई कॉपर केबल और लाखों रुपये के कबाड़ को खपाने वाला नेटवर्क कौन है ? चोरी का माल किन लोगों तक पहुंचता है ? क्या इन छोटे गिरोहों के पीछे कोई बड़ा कबाड़ सिंडिकेट काम कर रहा है ? अगर ऐसा नेटवर्क मौजूद है तो उसकी जड़ तक पुलिस कब पहुंचेगी ?
क्या सिर्फ गिरफ्तारी से खत्म होगा कबाड़ का खेल
पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही, खदानों में सक्रिय चोरी के गिरोहों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस की कार्रवाई सिर्फ खदान में घुसकर चोरी करने वालों तक ही सीमित रहेगी, या फिर चोरी के माल को खरीदने और खपाने वाले बड़े कबाड़ माफिया तक भी पुलिस पहुंचेगी? क्योंकि जब तक चोरी के माल का बाजार और उसे खपाने वाला नेटवर्क पूरी तरह से नहीं टूटता, तब तक एक गिरोह के पकड़े जाने के बाद दूसरे गिरोह के खदानों में पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली के साथ-साथ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठना लाजिमी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बांकीमोंगरा पुलिस कबाड़ माफिया के इस कथित सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचकर उसे तोड़ पाती है या नहीं। इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।


