सरगुजा 8 सितंबर 2026। सरगुजा में एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के पदैल मार्च के प्रकरण में बड़ा एक्शन हुआ है। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद आनन-फानन में स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया गया है, वहीं वार्डन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। आपको बता दे एकलव्य आवासीय विद्यालय में व्याप्त समस्या और शिक्षकों की कमीं से परेशान स्कूल की छात्राएं सोमवार को अपनी शिकायतें लेकर करीब 16 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। मामाल प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद जिला प्रशासन और आदिम जाति कल्याण विभाग तुरंत हरकत में आया और जांट कमेटी बनाकर शिकायतों की जांच करने के साथ ही दोषियों पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि अंबिकापुर के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासी विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान हो रही थी। इसके साथ ही विद्यालय में करीब तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। बिजली नहीं होने से उन्हें पढ़ाई के साथ रोजमर्रा की गतिविधियों में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिजिक्स-केमिस्ट्री की पढ़ाई ठीक नहीं होने से परेशान छात्राएं सोमवार को पैदल ही कलेक्टर के समक्ष अपनी शिकायत करने निकली गयी। मामले की जानकारी के बाद हड़कंप मच गया और आनन फानन में बीच रास्ते से छात्राओं को बस में बिठाकर कलेक्टर अजीत बसंत से मिलाया गया। कलेक्टर से मुलाकात कर छात्राओं ने अपनी शिकायत बतायी, वहीं इस पूरे मामले को मीडिया में प्रमुखता से दिखाये जाने के बाद कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर सरकार को घेरते हुए सूबे की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला किया गया।
इस पूरे मामले में राजनीति गरमाने के दौरान ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर से फोन पर बातचीत की और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चियों को अपनी समस्या बताने के लिए पैदल निकलना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग ने प्रिंसिपल ओम नारायण श्रीवास्तव को पद से हटा दिया है। वहीं, स्कूल के वार्डन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि स्कूल में बिजली, पढ़ाई और मेस से जुड़ी समस्याएं कितने समय से बनी हुई थीं और शिकायतों के बावजूद उनका समाधान क्यों नहीं किया गया।
मंत्री रामविचार नेताम ने मांगी जांच रिपोर्ट
मामले को लेकर आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी गंभीरता दिखाई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट मांगी है। मंत्री की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब विभागीय जांच में स्कूल की व्यवस्थाओं, छात्राओं की शिकायतों और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। एकलव्य आवासीय विद्यालय जैसे संस्थान में छात्राओं को अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर 16 किलोमीटर पैदल कलेक्टर कार्यालय तक जाना पड़ा, इसने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ दोष तय करने की नहीं, बल्कि स्कूल में बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की भी है। आने वाली जांच रिपोर्ट से यह साफ होगा कि इन समस्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।


