रायपुर 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के चुनाव में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब प्रदेश अध्यक्ष पद के दो प्रमुख दावेदार सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नामांकन चुनाव कमेटी ने होल्ड कर दिए हैं। दोनों के खिलाफ कथित तौर पर पैसे देकर सदस्य बनाए जाने की शिकायत सामने आई है। शिकायत के आधार पर चुनाव कमेटी ने दोनों उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दोनों को 8 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे तक लिखित स्पष्टीकरण देने का समय दिया गया है। फिलहाल दोनों की उम्मीदवारी रद्द नहीं हुई है। चुनाव कमेटी उनके जवाब और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर विचार करने के बाद आगे का फैसला करेगी।
जानकारी के मुताबिक चुनाव कमेटी के नोटिस में निजी एजेंसी के माध्यम से सदस्यों की सदस्यता कराए जाने का आरोप सामने आने की बात कही गई है। कमेटी ने इसे चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के विपरीत माना है और दोनों उम्मीदवारों से पूछा है कि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर यह माना जाएगा कि उम्मीदवार को इस मामले में कोई आपत्ति या स्पष्टीकरण नहीं देना है। इसके बाद चुनाव कमेटी नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है। यानी फिलहाल मामला ‘नामांकन रद्द’ होने तक नहीं पहुंचा है।
लेकिन दोनों उम्मीदवारों की चुनावी दौड़ जरूर मुश्किल में पड़ गई है। शिकायत और नोटिस के बीच दोनों उम्मीदवारों के नाम चुनाव से जुड़े ऐप से हटाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है। इस घटनाक्रम ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर संगठन के भीतर चल रही चर्चाओं को फिर तेज कर दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या चुनाव कमेटी की जांच के बाद दोनों उम्मीदवारों को मैदान में बने रहने का मौका मिलेगा या उनकी उम्मीदवारी पर कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा।
पहले भी विवादों में रहा यूथ कांग्रेस चुनाव
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस का चुनाव इससे पहले भी प्रक्रिया और नियमों को लेकर विवादों में रहा है। कार्यकर्ताओं की ओर से कथित अनियमितताओं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इन्हीं शिकायतों के बीच करीब 17 दिन पहले युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका और चुनाव पदाधिकारियों का छत्तीसगढ़ दौरा हुआ था। 17 से 19 अगस्त तक चले दौरे में प्रभावित कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनी गई थीं। उम्मीद थी कि इसके बाद चुनावी विवाद को विराम मिलेगा, लेकिन अब प्रदेश अध्यक्ष पद के दो बड़े दावेदारों के नामांकन पर कार्रवाई ने विवाद को फिर हवा दे दी है।
दीपक बैज भी उठा चुके हैं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। बैज ने 18 अगस्त को भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के उन संगठनात्मक जिलों में विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव फिलहाल नहीं कराने की मांग की थी, जहां एक जिला और एक ही विधानसभा क्षेत्र है। उनका तर्क था कि ऐसे जिलों में जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष के अलग-अलग चुनाव से संगठनात्मक समन्वय की समस्या पैदा हो सकती है।
एक तरफ बैज की आपत्ति, दूसरी तरफ दो दावेदारों पर कार्रवाई
यूथ कांग्रेस चुनाव की पूरी तस्वीर को देखें तो कांग्रेस संगठन के सामने चुनौती सिर्फ उम्मीदवारों के बीच मुकाबले की नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों की भी है। एक तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज चुनाव की व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व को पत्र लिख चुके हैं। दूसरी तरफ अब प्रदेश अध्यक्ष पद के दो प्रमुख दावेदारों के खिलाफ सदस्यता को लेकर शिकायत और नोटिस सामने आ गया है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया पर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।
अब 8 सितंबर के जवाब पर टिकी नजर
सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के लिए अब सबसे अहम तारीख 8 सितंबर की शाम 7 बजे है। दोनों उम्मीदवारों को इससे पहले चुनाव कमेटी के सामने अपना लिखित पक्ष रखना होगा। इसके बाद कमेटी यह तय करेगी कि दिए गए स्पष्टीकरण से वह संतुष्ट है या नहीं। उसी के आधार पर दोनों की उम्मीदवारी को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।फिलहाल यह साफ है कि यूथ कांग्रेस का चुनाव सिर्फ संगठनात्मक चुनाव नहीं रह गया है। नामांकन, सदस्यता और चुनावी नियमों को लेकर उठ रहे सवालों ने इसे कांग्रेस के भीतर एक बड़े संगठनात्मक विवाद का रूप दे दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव कमेटी के अगले फैसले से विवाद खत्म होता है या छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस की चुनावी सियासत में एक और नया मोड़ आता है।


