कोरबा 7 सितंबर 2026। पुलिस विभाग के वाहन से दो लोगों की मौत के मामले में कोरबा कोर्ट के एक आदेश ने राजधानी रायपुर तक पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल पूरा मामला पुलिस विभाग की मिनी बस से हुए दुर्घटना में दो लोगों की मौत से जुड़ा है। इस मामले में कोर्ट द्वारा निर्धारित क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान समयसीमा में नहीं किए जाने पर प्रथम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण कोरबा ने डीजीपी छत्तीसगढ़ और पुलिस अधीक्षक कोरबा के कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने से संबंधित प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब कोरबा से लेकर राजधानी रायपुर तक पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक मामला 27 सितंबर 2023 का है। रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र के पतरापाली में वीआईपी ड्यूटी के दौरान पुलिस विभाग की मिनीबस क्रमांक CG-03-5354 ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। बाइक पर तीन लोग सवार थे। पुलिस विभाग की मिनीबस से हुए हादसे में बैजनाथ कंवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल रवि यादव ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया था। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने मोटरयान अधिनियम के तहत कोरबा स्थित प्रथम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में क्षतिपूर्ति के लिए याचिका दायर की थी।
मामले की सुनवाई पीठासीन न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत में हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने वाहन चालक को हादसे के लिए जिम्मेदार माना। कोर्ट ने मृतक बैजनाथ कंवर के परिजनों को 26 लाख 9 हजार 200 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। वहीं मृतक रवि यादव के परिवार को 17 लाख 5 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से देने का आदेश दिया गया। इस तरह मूल क्षतिपूर्ति राशि ही 43 लाख 14 हजार 200 रुपये है, जिस पर अदालत के आदेश के मुताबिक ब्याज भी देय है।
अदालत ने 14 जनवरी 2026 को दिए आदेश में क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान एक महीने के भीतर करने के लिए डीजीपी छत्तीसगढ़ को निर्देशित किया था। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी जब पीड़ित परिवारों को राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो उन्होंने दोबारा अदालत का रुख किया। पीड़ित पक्ष की ओर से अदालत से क्षतिपूर्ति राशि की वसूली के लिए संपत्ति कुर्क करने की मांग की गई। इसके बाद अदालत ने डीजीपी छत्तीसगढ़ और पुलिस अधीक्षक कोरबा के कार्यालय की संपत्ति को कुर्क करने से संबंधित प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
पुलिस की गाड़ी, DGP के नाम था पंजीयन
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि हादसे में शामिल मिनीबस CG-03-5354 का पंजीयन डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, छत्तीसगढ़, रायपुर के नाम दर्ज था। घटना के समय इस मिनीबस को कोरबा जिले के तिलकेजा निवासी विजेंद्र कुमार कंवर चला रहे थे। पुलिस के अनुसार हादसे के संबंध में रायगढ़ जिले के खरसिया थाने में मामला दर्ज किया गया था।
दोनों मृतक एक ही गांव के रहने वाले थे
मृतक बैजनाथ कंवर और रवि यादव दोनों जांजगीर-चांपा जिले के हेडसपुर गांव के रहने वाले थे। बैजनाथ के परिवार की ओर से उसकी पत्नी सुजाता कंवर ने याचिका दायर की थी। इसमें मृतक की पत्नी, माता-पिता और बच्चों की ओर से क्षतिपूर्ति की मांग की गई थी। यह मामला MACT क्रमांक 57/24 के रूप में दर्ज हुआ। वहीं रवि यादव के परिवार की ओर से उसकी पत्नी जुगमणी ने याचिका दायर की थी। इसमें पत्नी और बच्चों की ओर से क्षतिपूर्ति की मांग की गई। यह मामला MACT क्रमांक 56/24 के रूप में दर्ज है।
कोर्ट के आदेश के बाद अब बढ़ी जवाबदेही
इस मामले में अदालत द्वारा क्षतिपूर्ति राशि तय किए जाने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने और अब DGP और कोरबा SP कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू होने से मामला गंभीर हो गया है। खास तौर पर इसलिए भी कि हादसे में शामिल वाहन पुलिस विभाग का था और उसका पंजीयन डीजीपी छत्तीसगढ़ के नाम पर था। कोर्ट के आदेश के बाद जहां पीड़ित परिवार को अब मुआवजा राशि मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर इस आदेश ने पुलिस अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अब सवाल यह है कि अदालत के सख्त रुख के बाद पुलिस विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और मुआवजा राशि का भुगतान कब तक किया जाता है। इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।


