दंतेवाड़ा 4 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में अंधविश्वास और जादूटोना के शक ने एक ग्रामीण की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को श्मशान घाट ले जाकर जला दिया। घटना की जानकारी के बाद गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर छह संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक हत्या की ये वारदात कुआकोंडा थाना क्षेत्र के पोरोपरिया पटेलपारा की बतायी जा रही है। पुलिस के मुताबिक 1 सितंबर 2026 को पोरोपरिया पटेलपारा में एक व्यक्ति की जादू-टोना करने के शक में हत्या किए जाने की सूचना मिली थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को श्मशान घाट ले जाया गया, जहां उसे जला दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर एफएसएल की टीम भी बुलाई गई। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 190, 191, 332(1), 238, 127(2), 115(2), 351 और 296 के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच के दौरान पुलिस ने घटना में कथित तौर पर शामिल छह संदिग्धों की पहचान की है। इनमें कोसा मंडावी, नंदा मंडावी, नंदा कोवासी, आयता कवासी, भीमा मंडावी और हिड़मा बारसे के नाम सामने आए हैं। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि हत्या की घटना किस तरह हुई और इसके बाद शव को श्मशान घाट तक कैसे ले जाया गया। जांच में प्रत्येक संदिग्ध की भूमिका और घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मृतक के खिलाफ जादूटोना का शक किस आधार पर किया गया था और इसी शक ने किस तरह हिंसक वारदात का रूप लिया। दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में जादूटोना और अंधविश्वास के शक में हिंसा की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इस मामले ने भी अंधविश्वास के नाम पर कानून हाथ में लेने और किसी व्यक्ति की जान लेने जैसे गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। छह संदिग्धों की पहचान हो चुकी है, लेकिन घटना में उनकी वास्तविक भूमिका और हत्या के पीछे की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों और साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।


