दुर्ग 30 अगस्त 2026। पुलिस विभाग से बर्खास्त महिला आरक्षक मोनिका गुप्ता उर्फ मोनिका सोनी को पुलिस ने एक बार फिर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक महिला को लैब ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5 लाख 42 हजार रुपये लिए। नौकरी नहीं लगने पर पीड़िता ने जब रकम वापस मांगी, तो आरोपी महिला और उसका एक अन्य साथी लगातार उसे टालती रही। ठगी के इस मामले में पुलिस ने बर्खास्त महिला कांस्टेबल मोनिका गुप्ता के साथ इसरार खान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक ठगी का ये मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक ग्राम चंदखुरी निवासी किरण चंद्राकर के पति की पहचान इसरार खान से थी। इसरार ने बड़े अधिकारियों से अपनी पहचान होने का दावा करते हुए किरण को नगर सेना में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने किरण से 6 लाख 30 हजार रुपये लिए। बाद में इसरार ने 50 हजार रुपये वापस कर दिए, लेकिन नौकरी नहीं लग पाई। जब किरण ने बाकी रकम वापस मांगी तो इसरार ने नौकरी लगवाने में असमर्थता जताई। इसके बाद उसने किरण की मुलाकात मोनिका गुप्ता से कराई और दावा किया कि मोनिका की भी बड़े अधिकारियों से अच्छी पहचान है।
लैब ऑपरेटर की नौकरी का झांसा, ऑनलाइन लिए 5.12 लाख
आरोप है कि इसके बाद मोनिका ने किरण को लैब ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इतना ही नहीं, नौकरी लगने के बाद दुर्ग शहर में ट्रांसफर कराने का भी आश्वासन दिया। मोनिका की बातों पर भरोसा कर किरण ने उसे 5 लाख 12 हजार रुपये ऑनलाइन और 30 हजार रुपये नकद, यानी कुल 5 लाख 42 हजार रुपये दे दिए। रकम लेने के बाद मोनिका नौकरी लगवाने के नाम पर लगातार समय बढ़ाती रही। आखिरकार परेशान होकर किरण ने पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने मोनिका गुप्ता और इसरार खान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पहले भी विवादों में रही है बर्खास्त महिला कांस्टेबल मोनिका
मोनिका गुप्ता का नाम इससे पहले भी पुलिस विभाग से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है। वह पुलिस विभाग में आरक्षक से हवलदार के पद तक कार्य कर चुकी है, जिसके बाद उसे विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था। करीब सात महीने पहले सामने आए मामले में उस पर पुलिस कार्रवाई के दौरान बरामद करीब 79 ग्राम सोने के जेवर और एक सिक्का मालखाने में जमा नहीं करने का आरोप लगा था। यह मामला 2022 में दुर्ग के सिंधिया नगर में हुई चोरी की जांच से जुड़ा था। आरोप था कि चोरी के आरोपी से बरामद सोने के जेवर मालखाने में जमा करने के बजाय मोनिका ने अपने पास रख लिए।
बाद में चोरी की पीड़िता कोर्ट के आदेश के बाद जेवर लेने थाने पहुंची तो मालखाने में जेवर जमा नहीं होने की जानकारी सामने आई। इस मामले में मोनिका के खिलाफ सबूत छिपाने और अमानत में खयानत के आरोप में कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने उसे 2 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 10 फरवरी को उसने जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। अब नौकरी के नाम पर 5.42 लाख रुपये की ठगी के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका और रकम के लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।


