रायपुर 30 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर में ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी की शिक्षिका पत्नी को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। घटना के करीब पांच साल बाद अपर सत्र न्यायाधीश ‘फास्ट ट्रैक‘ विनय कुमार प्रधान की अदालत ने आरोपी बालकृष्ण जांगड़े को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 1 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं मामले में आरोपी की पत्नी अंजना जांगड़े के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उसे दोषमुक्त कर दिया।
जानकारी के मुताबिक महिला शिक्षिका से हैवानियत का ये मामला 15 मार्च 2021 का है। आरोपी बालकृष्ण जांगड़े और उसकी पत्नी अंजना जांगड़े मूल रूप से बेमेतरा के रहने वाले हैं और रायपुर के पिरदा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते थे। घटना के वक्त पीड़िता अपने दो बच्चों के साथ घर पर अकेली थी। उसका पति सुबह 10 बजे ऑफिस चला गया था। इसी दौरान बालकृष्ण शादी का कार्ड देने के बहाने पीड़िता के घर पहुंचा। उसने खुद को उसके पति का दोस्त बताया और परिचित होने की बात कहकर घर के अंदर प्रवेश किया।
पीड़िता ने अदालत में दिए अपने बयान में बताया कि घर में घुसने के बाद आरोपी ने उस पर चाकू से हमला किया और उसे बंधक बना लिया। उस समय घर में उसके 12 और 4 साल के दो बच्चे भी मौजूद थे। पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने बच्चों के सामने ही उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के दौरान उसके शरीर पर चोटें भी आईं। उसने दोपहर करीब 12:45 बजे अपने पति को फोन कर घर में दो लोगों के घुसने और चाकू से हमला किए जाने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पति घर पहुंचा तो पत्नी घायल अवस्था में मिली।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान समेत मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बालकृष्ण जांगड़े को दोषी माना और उसे उम्रकैद तथा 1.25 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं आरोपी की पत्नी अंजना जांगड़े के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने उसे दोषमुक्त कर दिया। मामले में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक विजयश्री बिसेन ने पैरवी की।


