अंबिकापुर 17 अगस्त 2026। अंबिकापुर-रायगढ़ मार्ग की बदहाली अब सिर्फ सड़क की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह स्थानीय राजनीति के लिए भी बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। बारिश के बीच भारतमाता चौक से दरिमा मोड़ तक सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन्हीं गड्ढों में नहाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क की स्थिति पर जवाब मांगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अंबिकापुर-रायगढ़ मार्ग पर सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों और सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटो साझा करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। यही वजह है कि रविवार को कार्यकर्ताओं ने गड्ढों में जमा पानी में नहाकर अपना विरोध जताया। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन सरकार और जनप्रतिनिधियों को यह दिखाने की कोशिश है कि सड़क पर चलना लोगों के लिए कितना मुश्किल हो चुका है।
सांसद-विधायक के आश्वासन पर सवाल
सड़क को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से सांसद और विधायक से लगातार शिकायत की जा रही है। जनप्रतिनिधियों की ओर से सड़क का टेंडर होने और बारिश खत्म होने के बाद निर्माण या मरम्मत कराने का आश्वासन दिए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन प्रदर्शनकारियों का सवाल है कि अगर हर साल बारिश के बाद सड़क बनाने का भरोसा दिया जाता है, तो सड़क बार-बार खराब क्यों हो जाती है ? उनका दावा है कि पिछले साल भी सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन एक साल के भीतर ही सड़क फिर बदहाल हो गई।
सड़क का मुद्दा बनाम जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही
अंबिकापुर की इस सड़क को लेकर अब सवाल सिर्फ गड्ढों का नहीं है। सवाल यह भी है कि सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है और बार-बार सड़क खराब होने की जिम्मेदारी किसकी तय होगी ? स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनता को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसी सड़क चाहिए जो बारिश में भी चलने लायक रहे। गड्ढों के पानी में हुआ यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। क्योंकि सड़क की बदहाली के साथ अब सवाल जनप्रतिनिधियों के वादों, निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही पर भी उठ रहा है।


