अंबिकापुर 9 अगस्त 2026। सरगुजा जिले में नाबालिग स्कूली छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पीड़ित परिवार पर कथित तौर पर समझौते का दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पहले सात लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान दो और लोगों के नाम सामने आने के बाद अब इस मामले में कुल नौ लोग आरोपी बनाए गए हैं। आपको बता दे गांव में महिला सरपंच के घर पर काम करने वाली नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत की गयी थी। महिला सरपंच के पति ने छात्रा को घर में बंधकर बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।
जानकारी के मुताबिक दुष्कर्म की वारदात 20 जुलाई को हुई थी। इसके बाद आरोपी तरुण जायसवाल ने कथित तौर पर पीड़िता और उसके परिवार को धमकाकर मामले की शिकायत नहीं करने और समझौता करने के लिए दबाव बनाया। डर के कारण परिवार करीब दो दिनों तक सहमा रहा। इसके बाद 22 जुलाई को ग्रामीणों के साथ पीड़ित परिवार कोतवाली पहुंचा और मामले की शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी तरुण जायसवाल फरार हो गया था। कोतवाली पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे बिहार के पटना से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आठ लाख रुपये के पंचनामा ने बढ़ाए सवाल
दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़ित परिवार पर कथित तौर पर केस दर्ज नहीं कराने और समझौता करने के लिए दबाव बनाने के आरोप सामने आए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक कथित पंचनामा भी सामने आया, जिसमें कुल आठ लाख रुपये का उल्लेख था। पंचनामा में चार लाख रुपये तत्काल और चार लाख रुपये फरवरी 2027 में दिए जाने की बात लिखी होने का दावा किया गया है। इस दस्तावेज पर सात लोगों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोप है कि घटना की रात कुछ लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे और मामले को पुलिस तक ले जाने के बजाय समझौता करने का दबाव बनाया गया। परिवार को थाने जाने से रोकने के लिए बैठक बुलाए जाने और इसी बैठक में पंचनामा तैयार कर हस्ताक्षर कराए जाने का भी आरोप है।
पंचनामा में मिले हस्ताक्षरों से शुरू हुई जांच
पुलिस को पंचनामा उपलब्ध कराए जाने के बाद उसमें दर्ज नाम और हस्ताक्षरों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने विवेक पैकरा, अशोक, जगजीवन राम, सरजू तिर्की, नान साय, नोहर साय और शिशुराम के खिलाफ मामला दर्ज किया। इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 249(2), धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 21(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। नगर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के मुताबिक, शुरुआत में सात लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान दो और लोगों की भूमिका सामने आई, जिसके बाद उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया गया।


