नई दिल्ली 25 जुलाई 2026। NEET 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बीच NTA ने 47 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई एजेंसी में व्यापक सुधार की शुरुआत मानी जा रही है। सरकार अगले महीने NTA का पुनर्गठन करने जा रही है, जिसमें आउटसोर्सिंग व्यवस्था से लेकर प्रशासनिक ढांचे तक बड़े बदलाव किए जाएंगे। इसका उद्देश्य भविष्य में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह ‘लीक-प्रूफ’ बनाना है।
सरकार का कहना है कि NTA में किए जा रहे बदलाव उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर होंगे। एजेंसी की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए कई नए कदम उठाए जाएंगे। देशभर में NEET, JEE और CUET जैसी 15 से 20 प्रमुख राष्ट्रीय परीक्षाओं का आयोजन करने वाली NTA लंबे समय से पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवालों के घेरे में रही है। संसद में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, NTA में स्वीकृत 39 स्थायी पदों में से केवल 24 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 15 पद अब भी खाली हैं। एजेंसी का बड़ा हिस्सा फिलहाल संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रहा है।
वर्तमान में NTA में 73 संविदा और 124 आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं। सरकार ने एजेंसी को मजबूत करने के लिए निदेशक और संयुक्त निदेशक स्तर के 16 नए पद भी सृजित किए हैं, जिन्हें जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ते विवादों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह नरेश कुमार गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया है, जबकि टी. के. अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विनीत जोशी इससे पहले CBSE के अध्यक्ष, NTA के पहले महानिदेशक और UGC के कार्यवाहक अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में CUET परीक्षा की शुरुआत हुई थी।
परीक्षा प्रणाली पर सरकार का फोकस
NEET पेपर लीक के बाद देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और विपक्ष के हमलों के बीच सरकार अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के संकेत दे रही है। NTA में कार्रवाई, नए पदों का सृजन और शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक फेरबदल को इसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाएगा।

