नई दिल्ली 24 जुलाई 2026। NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर 27 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें जूस पिलाया और अनशन तुड़वाया। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम जारी वीडियो संदेश के बाद वांगचुक ने अपना फैसला बदला। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पेपर लीक मामलों पर कैबिनेट बैठक में सख्त निर्णय लेगी।
आपको बता दे सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। तबीयत बिगड़ने पर 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां शुक्रवार को उनका अनशन समाप्त हुआ। सोनम वांगचुक से मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मुलाकात की।
नड्डा ने अपने हाथों से वांगचुक का अनशन तुड़वाया। इस दौरान अस्पताल के कमरे में उनकी पत्नी गीतांजलि एंग्मो समेत डॉक्टर की टीम भी मौजूद थी। वांगचुक का यह आंदोलन NEET पेपर लीक और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा था, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया।

