नई दिल्ली 18 जुलाई 2026। देश की अग्रणी कोयला उत्पादक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने पर्यावरण संरक्षण और सतत खनन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हरित एवं उत्तरदायी खनन को बढ़ावा देने के लिए एसईसीएल को ‘द टाइम्स इंटरनेट इकोप्रेन्योर्स अवॉर्ड्स-2026’ में प्रतिष्ठित ‘ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह राष्ट्रीय सम्मान 17 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने प्राप्त किया।
यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खान बंदी, भूमि पुनर्वास, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के प्रभावी उपयोग के क्षेत्र में एसईसीएल द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है। कोयला उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण की चुनौती को संतुलित करते हुए एसईसीएल लगातार सतत विकास के मॉडल पर काम कर रही है। कंपनी वैज्ञानिक तरीके से खदानों के पुनर्वास, हरित क्षेत्र के विस्तार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और पर्यावरणीय मानकों के पालन पर विशेष जोर दे रही है। यही प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान के रूप में सामने आया है।
उत्पादन में भी बनाया नया कीर्तिमान
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ एसईसीएल ने परिचालन प्रदर्शन में भी बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही एसईसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की ऐसी पहली अनुषंगी कंपनी बन गई है, जिसने चालू वित्तीय वर्ष में सबसे पहले यह उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए उत्पादन के क्षेत्र में भी नया रिकॉर्ड बनाया है।
कोरबा की मेगा परियोजनाओं का अहम योगदान
इस उपलब्धि में कोरबा स्थित एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दीपका परियोजना ने 11.8 मिलियन टन, गेवरा परियोजना ने 11.7 मिलियन टन और कुसमुंडा परियोजना ने 9.7 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया। इसके अलावा सीआईसी कोलफील्ड्स ने 8.8 मिलियन टन, रायगढ़ क्षेत्र ने 5.9 मिलियन टन और कोरबा क्षेत्र ने 2.1 मिलियन टन उत्पादन कर कंपनी के कुल प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीएमडी ने कहा- पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों हमारी प्राथमिकता
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने कहा कि ‘ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड’ कंपनी की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि एसईसीएल पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा—दोनों को समान महत्व देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, सुरक्षित खनन, उच्च परिचालन दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ एसईसीएल देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उत्तरदायी खनन के नए मानक भी स्थापित कर रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई SECL की पहचान
एक ओर राष्ट्रीय स्तर पर मिला ‘ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड’ और दूसरी ओर चालू वित्तीय वर्ष में सबसे पहले 50 मिलियन टन उत्पादन का रिकॉर्ड, ये दोनों उपलब्धियां एसईसीएल की दोहरी सफलता को दर्शाती हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी केवल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों को अपनाते हुए जिम्मेदार खनन की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ रही है।

