बस्तर 3 सितंबर 2026। बस्तर में विकास के सरकारी दावों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। बैज ने बस्तर जिले की चितापुर ग्राम पंचायत में 13 महीने से टूटे एक पुल का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और स्कूली छात्राओं से बातचीत की और वीडियो के जरिए वहां की जमीनी तस्वीर सामने रखी। ग्रामीणों द्वारा बांस से बनाये जुगाड़े के पुल को दिखाते हुए दीपक बैज ने सरकार पर तंज कसते हुए कह दिया कि…..पूरा बस्तर जुगाड़ में चल रहा है, सांय-सांय जुगाड़ में चल रहा है।
भाजपा राज में बस्तर का ‘जुगाड़ वाला पुल’ देखिए👇 pic.twitter.com/91w2NtD0uo
— Deepak Baij (@DeepakBaijINC) September 3, 2026
गौरतलब है कि बस्तर के नक्सल मुक्त होने के दावे के साथ ही सूबे की साय सरकार बस्तर में लगातार विकास करने का दावा कर रही है। सरकार के इन्ही दावों पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर के ग्राम पंचायत चितापुर का एक वीडियों सोशल मीडिया प्लेटफार्म में जारी किया है। वीडियों में दीपक बैज ने गांव के मुख्य पुल के पिछले 13 महीने से टूटे होने का दावा किया है। उन्होने अपने वीडियों में सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सूबे की साय सरकार बस्तर में विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार की एजेंसियां पिछले 13 महीने से टूटे गांव के पुल को नहीं बना सकी है।
लिहाजा सरकारी सिस्टम के फेल होने से लाचार ग्रामीणों द्वारा बांस से जुगाड़ का पुल बनाकर जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर है। बैज ने मौके से इस अस्थायी पुल को दिखाते हुए सवाल उठाया कि जब सरकार बस्तर में विकास और सुविधाएं पहुंचाने के दावे कर रही है, तो जमीन पर ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन तक की सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है ? उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी परेशानियां जानीं। स्थानीय लोगों ने पुल के टूटने के बाद आवागमन में होने वाली दिक्कतों की जानकारी दी। खासकर बारिश के दौरान स्थिति और मुश्किल होने की बात सामने आई।
स्कूली छात्राओं से बात कर दिखाई जमीनी हकीकत
दीपक बैज ने मौके पर मौजूद स्कूली छात्राओं से भी बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से उनके आने-जाने के रास्ते और पढ़ाई के दौरान सामने आने वाली परेशानियों के बारे में पूछा। छात्राओं से बातचीत के जरिए बैज ने यह बताने की कोशिश की कि टूटा हुआ पुल केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। बैज ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बस्तर के विकास की वास्तविक तस्वीर सरकारी दावों से अलग दिखाई दे रही है।
’13 महीने में एक पुल नहीं बना पाई सरकार’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 13 महीने से पुल टूटा हुआ है, इसके बावजूद अब तक इसका निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने इसे सरकारी सिस्टम की नाकामी बताते हुए सरकार को घेरा। बैज का आरोप है कि सरकार बस्तर के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन चितापुर जैसे इलाकों में ग्रामीणों की बुनियादी समस्याएं अब भी जस की तस हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक पुल को बनाने में इतना लंबा वक्त लग रहा है, तो बस्तर के दूरस्थ इलाकों में विकास की वास्तविक स्थिति क्या होगी ?
चितापुर का टूटा पुल अब स्थानीय समस्या के साथ-साथ सियासी मुद्दा भी बनता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और स्कूली छात्राओं से बातचीत करने तथा वीडियो के जरिए समस्या को सामने रखने से इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ कांग्रेस को हमला करने का मौका मिला है। वहीं बैज के इस दौरे ने बस्तर में विकास को लेकर सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। सवाल अब यही है कि 13 महीने से टूटे चितापुर के इस पुल का निर्माण आखिर कब होगा और ग्रामीणों को बांस के अस्थायी पुल से कब तक आवागमन करना पड़ेगा ?


