कोरबा, 2 अगस्त 2026। कोरबा जिले के बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया राजनीतिक मोड़ ले चुका है। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कथित तौर पर आबकारी विभाग के एक अधिकारी से मोबाइल फोन पर तीखी बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियों में पूर्व मंत्री आबकारी विभाग के अधिकारी को धमकाते हुए बेवकूफ तक कहते नजर आ रहे है। सोशल मीडिया में वीडियों वायरल होने के बाद एक बार फिर इस पूर मुद्दे को लेकर राजनीति गरमा गयी है।
जानकारी के मुताबिक पूरा मामला बरबसपुर मुख्यमार्ग का है, जब गांव की महिलाएं शराब दुकान के विरोध में शनिवार को धरने पर बैठी थी। इस विरोध प्रदर्शन में ग्रामीणों के समर्थन में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों की मांग आबकारी विभाग तक पहुंचाने और उनकी मांग पर त्वरित संज्ञान लेने के लिए जयसिंह अग्रवाल ने मौके से ही आबकारी विभाग के एक अधिकारी को फोन किया गया। बातचीत के दौरान वह अधिकारी पर नाराजगी जताते हुए कहते हैं, “बेवजह चर्चा कर रहा हूं… बेवकूफ, यहां गांव की महिलाएं रात-दिन भूखी-प्यासी बैठी हुई हैं।”
वीडियो में आगे अधिकारी की ओर से कथित तौर पर राजनीतिक पहुंच का जिक्र किए जाने पर जयसिंह अग्रवाल कहते सुनाई देते हैं, “अरे तू कांग्रेस का विधायक होगा चल छोड़ मेरे को बताने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस विधायक का भाई है, काई तोप है तू ! दुकान नहीं खुलेगी यहां आकर डिक्लीयर करों अभी..!” पूर्व मंत्री के इस वायरल वीडियों को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब बरबसपुर में शराब दुकान खोले जाने की आशंका को लेकर ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब दुकान खुलने से सामाजिक माहौल प्रभावित होगा, इसलिए इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन की ओर से पहले ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि बरबसपुर में फिलहाल शराब दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उनके मुताबिक आबकारी विभाग की टीम केवल संभावित स्थल का निरीक्षण करने गई थी और अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। पूर्व मंत्री का यह वायरल वीडियो अब शराब दुकान के मुद्दे को प्रशासनिक विवाद से आगे बढ़ाकर राजनीतिक बहस का विषय बना चुका है।
एक ओर विपक्ष इसे ग्रामीणों के समर्थन की आवाज बता रहा है, तो दूसरी ओर वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और अधिकारी को दी गई कथित चेतावनी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या वायरल वीडियो को लेकर प्रशासन अथवा संबंधित पक्षों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई भी सामने आती है।

