रायपुर 30 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान, मलेरिया नियंत्रण, 108 एम्बुलेंस सेवा, मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स और आधुनिक पैथोलॉजी नेटवर्क जैसी उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी दिए। हालांकि, इन दावों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी स्थिति को लेकर सवाल भी कायम हैं। वहीं दूसरी तरफ पीसीसी चीफ दीपक बैज ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रेस कांफ्रेंस पर पलटवार किया है। उन्होने प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं की लचर व्यवस्था को गिनाते हुए सरकार पर सवाल उठाये है। उन्होने एक्स पर वीडियों जारी कर कहा…”पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में है। कहीं मलेरिया का बढ़ता प्रकोप, कहीं अस्पतालों में संसाधनों की कमी और कहीं मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल गुरुवार को राजधानी रायपुर में मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने साय सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की तथा विभाग की प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं। स्वास्थ्य मंत्री के ने दावा किया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जो लक्षित आबादी का करीब 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसी बीमारियों की समय रहते पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया और 10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की गई।
सरकार का दावा है कि बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है, जबकि प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 5.21 से घटकर 0.90 पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं और 375 नई 108 एम्बुलेंस संचालित किए जाने का दावा किया गया। मंत्री के अनुसार जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। हालांकि सरकारी दावों के बीच प्रदेश के कई जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।
कई स्थानों पर जांच सुविधाएं और विशेषज्ञ सेवाएं अभी भी सीमित हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य सचिव द्वारा मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देने का मुद्दा भी उठा। पत्रकारों ने विभागीय जवाबदेही पर सवाल खड़े किए, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को सक्रिय रहने और शिकायतों के प्रति संवेदनशील होने के निर्देश देने की बात कही। खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर मंत्री ने प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े सरकार की उपलब्धियों की तस्वीर पेश करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की असली परीक्षा जमीनी स्तर पर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केवल योजनाओं और आंकड़ों से आगे बढ़कर डॉक्टरों की उपलब्धता, संसाधनों का विस्तार और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज की पहुंच सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
PCC चीफ बैज ने स्वास्थ्य मंत्री के दावों पर किया पलटवार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए गए दावों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखा हमला बोला है। बैज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो जारी कर कहा कि सरकार आंकड़ों में उपलब्धियां गिना रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है और मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। उन्होने एक्स पर वीडियों जारी कर कहा…”पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में है। कहीं मलेरिया का बढ़ता प्रकोप, कहीं अस्पतालों में संसाधनों की कमी और कहीं मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। जनता इलाज मांग रही है, लेकिन जिम्मेदार मंत्री जवाबदेही से बचते नज़र आ रहे हैं।”

