कोरबा, 3 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्वच्छता अभियान के दौरान नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए एक दुकानदार द्वारा राजनीतिक पहुंच का हवाला देने का मामला सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दुकानदार कथित तौर पर निगम आयुक्त से यह कहते हुए सुनाई दे रहा है किए ‘आप अभी मुझे जानते नहीं हैं….यहां मुझे लखनलाल देवांगन से लेकर जयसिंह अग्रवाल तक जानते हैं। महापौर से लेकर सभापति तक सब मुझे जानते हैं। इस पूरे विवाद के बाद नगर निगम ने दुकानदार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला पुलिस में दर्ज कराया है। वहीं दुकानदार ने भी निगम आयुक्त और उनकी टीम के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।
गौरतलब है कि नगर निगम कोरबा इन दिनों शहर में स्वच्छता अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास फैलाई जा रही गंदगी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत पावर हाउस रोड स्थित एक दुकान के बाहर कचरा पाए जाने पर निगम की टीम ने संबंधित दुकानदार पर जुर्माना लगाया। कार्रवाई का विरोध करते हुए दुकानदार निगम कर्मचारियों से विवाद करने लगा। विवाद की सूचना मिलने पर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक, कचरे के ढेर से दुकान से संबंधित पैकिंग सामग्री और अन्य सामान भी मिला, जिससे यह दावा किया गया कि कचरा उसी प्रतिष्ठान से जुड़ा है।
इसके बावजूद दुकानदार ने कचरे की जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कार्रवाई का विरोध जारी रखा। इसी दौरान हुए विवाद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में दुकानदार कथित तौर पर अपनी राजनीतिक पहचान और पहुंच का हवाला देते हुए अधिकारियों को चुनौती देता दिखाई दे रहा है। नगर निगम का आरोप है कि दुकानदार ने शासकीय कार्य में बाधा डाली और निगम कर्मचारियों को कार्रवाई से रोकने की कोशिश की। घटना के बाद निगम आयुक्त के निर्देश पर कोतवाली थाने में दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
वहीं दूसरी ओर दुकानदार ने भी निगम आयुक्त और निगम अमले पर जबरन जुर्माना लगाने, दुकान बंद कराने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए नामजद शिकायत पुलिस को सौंपी है। यह मामला अब केवल जुर्माने के विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्वच्छता अभियान के दौरान सरकारी कार्रवाई और कथित राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है।

