रायगढ़ 28 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा में सरकारी साइकिल वितरण को लेकर सियासत गरमा गई है। शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में छात्राओं को बांटी जाने वाली साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने वितरण रोक दिया, और मौके पर ही धरने पर बैठ गये। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंच गयी और उन्हे उठाने का काफी प्रयास किया गया। जब बात नहीं बनी तब पुलिस जवानों ने रवि भगत के हाथ-पैर पकड़कर घसीटते हुए मौके से उठाकर थाने ले गये। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक पूरा मामला लैलूंगा ब्लॉक का है। बताया जा रहा है कि आज मंगलवार को शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में सरकारी योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें बांटी जानी थीं। स्कूल प्रबंधन ने कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली थी। और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था। इसी दौरान भाजयुमों के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत स्कूल पहुंचे और साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण का विरोध शुरू कर दिया। रवि भगत ने दावा किया है कि साइकिल पर ‘हीरो’ लिखा हुआ है, जबकि उस पर ‘कावेरी’ का स्टीकर लगा है। उन्होंने साइकिलों की खरीद से जुड़े बिल और रसीद सार्वजनिक करने की मांग की।
उनका सवाल था कि आखिर इन साइकिलों की खरीद किस कंपनी से और कितनी कीमत में की गई है। विरोध बढ़ने पर स्कूल के प्राचार्य ने रवि भगत को समझाने की कोशिश की। लेकिन वे अपनी मांग पर कायम रहे और स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाने और कथित तौर पर गुणवत्ता में कमी वाली साइकिलों का वितरण नहीं करने देने की बात कही। इसके बाद प्राचार्य ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देने के साथ पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रवि भगत को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
स्कूल कैंपस से घसीटकर ले गयी पुलिस
स्कूल कैंपस में साईकिल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए धरना दे रहे रवि भगत को पुलिस द्वारा मौके से हटाने का काफी प्रयास किया गया। काफी समझाइश के बाद भी जब रवि भगत अपनी जिद्द पर अड़े रहे, तब पुलिस जवानों ने उन्हे पकड़कर मौके से हटाकर थाने ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान रवि भगत कार के सामने सो गये। लिहाजा पुलिसकर्मियों ने मौके से रवि भगत के हाथ-पैर पकड़कर घसीटकर वाहन तक ले गयी और फिर उसे थाने ले जाया गया।
रवि भगत के आरोपों से फिर गरमाई छत्तीसगढ़ की सियासत
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की साय सरकार के सामने राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। रवि भगत पहले भी सरकार के कामकाज और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। सरकार और संगठन के कामकाज पर सार्वजनिक तौर पर असहमति जताने के बाद उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा भी दिया था। ऐसे में सरकारी साइकिलों की गुणवत्ता पर उनका ताजा विरोध सिर्फ एक स्कूल तक सीमित मामला नहीं रह गया है। अब सवाल साइकिलों की गुणवत्ता से आगे बढ़कर सरकारी खरीद, योजना के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता पर भी उठ रहे हैं। फिलहाल सब की नजरें इस बात पर है कि प्रशासन साइकिलों की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रिया की जांच कराता है या नहीं और रवि भगत के आरोपों पर सरकार की ओर से क्या जवाब आता है।

