रायपुर 29 सितंबर 2026। राजधानी में रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित जमीन आवंटन को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का भूखंड दिया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने इस भूखंड की संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताते हुए आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। डॉ. गुप्ता ने मुख्य सचिव से मामले की जांच कराने और योजना निरस्त करने की मांग की है।
कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता के मुताबिक दस्तावेजों में मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 प्रस्तावित किया गया है। इस भूखंड का क्षेत्रफल 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट बताया गया है। गुप्ता का दावा है कि प्रस्तावित भूखंड 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास स्थित है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि भविष्य में यहां जमीन की कीमत 10 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने भूखंड की संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी है। यह कांग्रेस नेता का अनुमान है, आधिकारिक मूल्यांकन नहीं।
कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट देने पर सवाल
डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि संबंधित कंपनी के पास कचना के नालापारा क्षेत्र में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके आरोप के अनुसार, इस जमीन को नगर विकास योजना में शामिल करने के बाद इसके बदले सड्डू में दूसरा भूखंड प्रस्तावित किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने जमीन के बदले जमीन देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मूल जमीन कचना में है, जबकि प्रस्तावित भूखंड सड्डू में करीब एक किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 का हवाला देते हुए भूखंड के स्थान को लेकर आपत्ति जताई है।
उनका कहना है कि मूल जमीन के बदले नया भूखंड उसी क्षेत्र या उसके आसपास दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को प्रमुख सड़क के पास मिलने वाले भूखंडों के बजाय योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई। गुप्ता ने पूरे आवंटन की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। इन आरोपों और कानूनी दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों एवं सक्षम प्राधिकारी की जांच से होनी बाकी है।
RDA ने कहा- दावा-आपत्ति के बाद होगी जांच
जमीन आवंटन को लेकर उठे सवालों के बीच RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक उन्हें इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार दावा-आपत्ति प्राप्त होने पर मामले की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मंत्री केदार कश्यप की ओर से आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब इस मामले में RDA की जांच, संबंधित दस्तावेजों और दावा-आपत्तियों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।


