रायपुर 14 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को आज राजनीतिक माहौल गर्म रहने के आसार हैं। कांग्रेस विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। राज्य गठन के बाद विधानसभा में यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव होगा। हालांकि विधानसभा में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के कारण सरकार के सामने बहुमत का कोई संकट नजर नहीं आ रहा है, लेकिन सदन में होने वाली बहस राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दिन तय करेंगे। अविश्वास प्रस्ताव के जरिए विपक्ष सरकार के अब तक के कामकाज, नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाएगा, जबकि सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों का ब्यौरा पेश करेगा। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
वहीं भाजपा सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों को अपनी मजबूती के तौर पर सदन में रखेगी। अविश्वास प्रस्ताव के साथ-साथ मंगलवार को प्रश्नकाल भी महत्वपूर्ण रहेगा। सदन में जल जीवन मिशन, रायपुर की पेयजल व्यवस्था, औद्योगिक दुर्घटनाओं, शराब दुकानों, सरकारी आयोजनों में हुए खर्च और प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों जैसे कई अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विधानसभा में वर्तमान संख्या बल भाजपा के पक्ष में है। सदन में भाजपा के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 35 सदस्य हैं।
इसके अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का एक विधायक है। ऐसे में संख्या के लिहाज से सरकार सुरक्षित स्थिति में दिखाई दे रही है और अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव सरकार गिराने की औपचारिक कोशिश से ज्यादा विपक्ष के लिए सरकार को कटघरे में खड़ा करने और जनहित के मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाने का अवसर होता है। वहीं सरकार के लिए यह अपनी नीतियों और उपलब्धियों का बचाव करने का मंच होगा। ऐसे में मानसून सत्र का दूसरा दिन सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस का गवाह बन सकता है।

