रायपुर, 26 जून 2026। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही वार्ड क्रमांक 16 और 17 के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों का घेराव किया और भाजपा नेताओं के खिलाफ “वापस जाओ” के नारे लगाए।
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने की तैयारी के साथ गांव पहुंची थी। कार्रवाई की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। कुछ समय के लिए मौके पर प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने की स्थिति भी बन गई। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने 25 जून की तारीख वाला नोटिस उन्हें 26 जून को आकर चस्पा किया। उनका कहना है कि नोटिस मिलने के साथ ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई, जिससे उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने या वैकल्पिक व्यवस्था करने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वे वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और बिना पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था के उन्हें हटाना उचित नहीं है। वहीं प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासन की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई परिस्थितियों और प्रशासनिक निर्णय के अनुरूप की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने पुनर्वास और पर्याप्त समय दिए बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई का विरोध जारी रखने की बात कही है।

