रायपुर 9 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर में स्कूल के एक छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला भाठागांव स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि करीब 40 सेकेंड के दौरान पीड़ित छात्र को 46 से ज्यादा थप्पड़ मारे गए। वीडियो में एक छात्र पीड़ित के चेहरे पर लात मारता हुआ भी दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि इस घटना पीड़ित छात्र काफी दहशम में है, वहीं स्कूल प्रबंधन के एक्शन नहीं लेने पर अब परिजनों ने बच्चे का नाम स्कूल से कटवा दिया है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा घटनाक्रम पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के भाठागांव स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का है। बताया जा रहा है कि स्कूल में किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद एक छात्र ने बाहर से कुछ युवकों को बुलाया। इसके बाद पीड़ित छात्र के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि मारपीट के दौरान वीडियो भी बनाया गया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर रील के तौर पर वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो में कई युवक छात्र के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि महज 40 सेकेंड में छात्र को 46 से ज्यादा थप्पड़ मारे गए।
इसके अलावा एक युवक द्वारा छात्र के चेहरे पर पैर से वार करते हुए भी देखा जा सकता है। पीड़ित पक्ष ने मारपीट करने वालों में शामिल एक युवक पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। दावा है कि युवक ने खुद को डॉन बताया और अपनी मां के वकील होने की बात कहकर दबदबा बनाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोपी युवक द्वारा जज से सेटिंग होने की बात कहे जाने का भी आरोप है।इन दावों को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है। ऐसे में मामले में लगाए जा रहे आरोपों की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
प्राचार्य से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना की जानकारी स्कूल के प्राचार्य को दी गई थी और मामले की शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, जिससे छात्र को सुरक्षा का भरोसा मिल सके। पीड़ित पक्ष का कहना है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से छात्र स्कूल में खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा। घटना के बाद लगातार डर और दबाव के बीच छात्र ने आखिरकार स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट ले लिया और स्कूल छोड़ दिया।
छात्र के स्कूल छोड़ने के बाद अब स्कूल परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि यदि स्कूल में किसी छात्र के साथ गंभीर मारपीट की शिकायत सामने आती है तो स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी क्या है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। मामले में यह भी अहम है कि घटना स्कूल से जुड़े विवाद के बाद हुई या स्कूल परिसर से बाहर, और स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी किस स्तर पर और कब मिली। इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
वीडियो वायरल होने से मामला और गंभीर
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। किसी छात्र के साथ मारपीट करने के बाद उसका वीडियो बनाना और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना न सिर्फ उसकी निजता और गरिमा से जुड़ा सवाल है, बल्कि इससे पीड़ित छात्र पर मानसिक दबाव भी बढ़ सकता है। अब सवाल सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं है। छात्र की सुरक्षा, स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही, वीडियो बनाने और वायरल करने वालों की भूमिका और शिकायत के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
फिलहाल, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामले को देखा जा रहा है। पुलिस जांच और स्कूल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना की पूरी सच्चाई क्या है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

