अंबिकापुर 7 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस के एक प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों ने प्रदेश में हलचल मचा दी है। अंबिकापुर के सीएसपी और प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल पर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान एक करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोप है कि रिश्वत की रकम हवाला के जरिए ली गई और इसमें साइबर सेल के एक एएसआई तथा एक आरक्षक ने कथित तौर पर बिचौलिये की भूमिका निभाई।
जानकारी के मुताबिक शिकायत हरियाणा निवासी आकाश कुमार की ओर से दायर की गई है। उनका दावा है कि अंबिकापुर में दर्ज एक साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान उन पर दबाव बनाया गया और कार्रवाई से राहत दिलाने के एवज में एक करोड़ रुपये की मांग की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह रकम हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई। शिकायतकर्ता ने अपने दावों के समर्थन में व्हाट्सऐप चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी CBI स्पेशल कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने 8 जून 2026 को CBI निदेशक से मामले की जांच और FIR दर्ज करने की मांग की थी।
लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा। इसके बाद CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद दायर किया गया, जिसमें प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल, साइबर सेल के ASI प्रवीण कुमार राठौर, आरक्षक अंशुल शर्मा और CBI को पक्षकार बनाया गया है। परिवाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI स्पेशल कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) से भी रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने पहले रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय देने का अनुरोध अस्वीकार करते हुए शीघ्र जवाब मांगा था।
अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है। शिकायत के अनुसार यह पूरा मामला अंबिकापुर साइबर थाने में दर्ज एक ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी केस से जुड़ा है। आरोप है कि शेयर मार्केट में दोगुना मुनाफा दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले में जांच को प्रभावित करने और आरोपियों को राहत दिलाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई। हालांकि, इस मामले में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अभी तक किसी अदालत ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी आरोपी को दोषी ठहराया गया है।
दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दैनिक भास्कर ने प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। CBI स्पेशल कोर्ट में पहुंचा यह मामला अब प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसी के बाद यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

