रायपुर 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में लागू की गई ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर उठ रहे विवाद के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षकों को राहत दी है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि VSK ऐप में तकनीकी खामियों के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। साथ ही अधिकारियों और तकनीकी टीम को 15 अगस्त तक ऐप की सभी प्रमुख समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए VSK ऐप के जरिए पंच-इन और पंच-आउट व्यवस्था लागू की है। सरकार का कहना है कि इससे स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। हालांकि, व्यवस्था शुरू होते ही प्रदेश के कई हिस्सों से ऐप में तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें सामने आने लगी हैं। शिक्षकों का कहना है कि कई स्कूलों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऐप ठीक से काम नहीं करता। कहीं लोकेशन सही नहीं दिखती, तो कहीं उपस्थिति दर्ज होने में देरी होती है। ऐसे में डिजिटल अटेंडेंस को वेतन से जोड़ने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर शिक्षकों का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें बस्तर के कुछ शिक्षक उफनती नदी को बगैर सेफ्टी जैकेट के छोटी डोंगी के सहारे पार कर स्कूल पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में शिक्षक यह सवाल उठाते नजर आते हैं कि जब कई इलाकों में स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल है, तब केवल ऐप आधारित उपस्थिति व्यवस्था कितनी व्यावहारिक होगी। इस वीडियों के वायरल होने के बाद विपक्ष ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए घेरना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश में करीब 1.75 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 1.50 लाख शिक्षक (85 प्रतिशत) नियमित रूप से VSK ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।
उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के उपयोग की दिशा में सकारात्मक पहल बताया। हालांकि मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि ऐप में कुछ तकनीकी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि इन खामियों के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं रोका जाएगा और तकनीकी टीम को 15 अगस्त तक सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस आश्वासन के बावजूद शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक ऐप पूरी तरह तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हो जाता, तब तक ऑनलाइन उपस्थिति को वेतन से जोड़ने के बजाय व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि तय समय-सीमा के भीतर सरकार VSK ऐप की तकनीकी खामियों को कितनी प्रभावी तरीके से दूर कर पाती है।

