कोरबा 23 अक्टूबर 2026। नगर निगम कोरबा में स्वच्छता को लेकर सियासत तेज हो गई है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने निगम द्वारा आयोजित ‘चलो रामकचहरी भांचा के द्वार’ कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए आयुक्त को पत्र लिखा है। विपक्ष ने शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर पुटका पहाड़ पर आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम, इसमें हुए खर्च और कार्यक्रम के बाद सामने आई गंदगी को लेकर जवाब मांगा है। नेता प्रतिपक्ष ने कार्यक्रम स्थल की तस्वीरें साझा करते हुए सवाल उठाया कि जब नगर निगम स्वच्छता का संदेश देने पहुंचा था, तो आयोजन के बाद वहां प्लास्टिक की बोतलें, ग्लूकोज के रैपर और अन्य कचरा कैसे फैल गया ?
गौरतलब है कि नगर निगम कोरबा द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी रामलीला का सफलता पूर्वक आयोजन किया गया। लेकिन इस वर्ष रामलीला के आयोजन में मुख्य आकर्षण हनुमान अंश के मुख्य कलाकार शोभीनव सत्य रहे। यहां तक तो सब कुछ सही था, लेकिन नगर निगम द्वारा शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर पुटका पहाड़ पर चलो राम कचहरी भांचा के द्वारा कार्यक्रम को लेकर भी जमकर प्रचार-प्रसार किया गया। शहर के प्रमुख चैक चैराहों को इस आयोजन के पोस्टर से पूरी तरह पाट दिया गया। तय तारीख के मुताबिक 17 अक्टूबर को फिल्मी कलाकार के साथ महापौर, आयुक्त के निगम का पूरा अमला और आम लोग वाॅकथान में शामिल होकर राम कचहरी भी पहुंचे।
लेकिन उक्त आयोजन के बाद कार्यक्रम स्थल पर फैली गंदगी और निगम क्षेत्र से 40 किलोमीटर दूर वन विभाग के क्षेत्र में निगम के कार्यक्रम को लेकर विपक्ष ने मुद्दा बना दिया है। नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने नगर निगम के आयुक्त आशुतोष पांडेय को इस पूरे आयोजन को लेकर पत्र लिखा है। पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने उल्लेख किया है कि….“नगर निगम ने 16 और 17 अक्टूबर को पुटका पहाड़ पर ‘चलो रामकचहरी भांचा के द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया था। इसी क्रम में 17 अक्टूबर को वॉकथॉन भी कराया गया। विपक्ष का सवाल है कि नगर निगम क्षेत्र से बाहर और शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ पर इस तरह का आयोजन करने की जरूरत क्यों पड़ी ? कृपाराम साहू ने कहा कि पुटका पहाड़ पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।
ऐसे में नगर निगम ने वहां जाकर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला क्यों लिया, यह समझ से परे है। उन्होंने आयुक्त को पत्र लिखकर आयोजन पर हुए खर्च और उसके लिए इस्तेमाल किए गए बजट मद की जानकारी मांगी है। इस कार्यक्रम को लेकर विपक्ष का एक सवाल यह भी है कि आयोजन के दौरान ‘हनुमान अंश’ के मुख्य कलाकार शोभीनव सत्य को विशेष रूप से पुटका पहाड़ ले जाकर स्थल का प्रमोशन किया गया। ऐसे में विपक्ष कार्यक्रम के उद्देश्य, उसके प्रचार-प्रसार और नगर निगम के खर्च को लेकर सवाल उठा रहा है। विपक्ष की ओर से यह जानना चाहा जा रहा है कि स्वच्छता अभियान और स्थल के प्रचार से जुड़े इस आयोजन पर कितनी राशि खर्च की गई और खर्च किस मद से किया गया।
स्वच्छता का संदेश देने वाले आयोजन के बाद कचरा किसने फैलाया ?
नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कार्यक्रम के बाद की तस्वीरें मीडिया में साझा कर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनके द्वारा साझा तस्वीरों में पहाड़ के बीच स्थित कार्यक्रम स्थल पर प्लास्टिक की पानी की बोतलें, ग्लूकोज के प्लास्टिक रैपर और अन्य कचरा दिखाई देने का दावा किया गया है। विपक्ष का सवाल है कि जब नगर निगम का उद्देश्य स्वच्छता का संदेश देना था, तो कार्यक्रम के दौरान इस्तेमाल की गई सामग्री से फैले कचरे की सफाई की जिम्मेदारी किसकी थी ? क्या आयोजन के बाद स्थल की सफाई सुनिश्चित की गई थी ? और यदि स्वच्छता अभियान के बाद ही मौके पर कचरा दिखाई दे रहा है, तो ऐसे आयोजन की सफलता का आकलन किस आधार पर किया जाएगा?
निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, आयुक्त से मांगा जवाब
पुटका पहाड़ पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर विपक्ष ने अब सीधे नगर निगम के खर्च और आयोजन के औचित्य पर सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ कार्यक्रम को स्वच्छता और प्रचार से जोड़कर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष ने आयोजन के बाद की तस्वीरों के आधार पर स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कृपाराम साहू ने आयुक्त से आयोजन में खर्च की गई राशि, बजट मद और कार्यक्रम से जुड़े अन्य विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि नगर निगम इस पत्र पर क्या जवाब देता है और कार्यक्रम के बाद सामने आई गंदगी को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है। फिलहाल, पुटका पहाड़ पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर उठे सवालों ने नगर निगम की स्वच्छता संबंधी पहल, खर्च और आयोजन के बाद की व्यवस्थाओं को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।



