कोरबा 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत बिलासपुर संभाग के करीब 850 श्रद्धालु तीर्थ यात्रा पर रवाना हुए। शुक्रवार को कोरबा रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर, लिंगराज मंदिर और कोणार्क मंदिर के दर्शन करेंगे। इस मौके पर मंत्री ने बुजुर्ग श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की।
कोरबा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर संजू देवी राजपूत और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से रवाना हुए श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान ओडिशा के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जाता है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सहायता देना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह योजना बंद हो गई थी, लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे दोबारा शुरू किया। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सफाई कर्मियों के पैर धोकर उनका सम्मान करते हैं। इसी भावना के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश के बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन का अवसर उपलब्ध कराकर उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता व्यक्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बुजुर्गों की आस्था का सम्मान करने और उनके तीर्थ दर्शन के सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोरबा जिले से इस योजना के तहत पहली ट्रेन रवाना होना गौरव की बात है। ट्रेन को रवाना करने के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, प्रेम कुमार साहू, फिरत राम साहू, समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक हरीश सक्सेना, नगर निगम के अपर आयुक्त पवन वर्मा और भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस यात्रा के जरिए करीब 850 श्रद्धालु जगन्नाथ पुरी, लिंगराज और कोणार्क मंदिर के दर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत आयोजित इस यात्रा को बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।


