दुर्ग 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर भाजपा के हमले अब सीधे वैचारिक टकराव में बदलते नजर आ रहे हैं। दुर्ग में चल रहे कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने संगठन में बदलाव पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा की राजनीति और संगठन को ही कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर हमला और तेज करते हुए BJP नेताओं को ‘काले अंग्रेज’ तक कह दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर समाज में विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई थी और भाजपा भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है। बैज ने दावा किया कि कांग्रेस की विचारधारा देश और समाज को जोड़ने की है। बैज ने भाजपा पर नाथूराम गोडसे को मानने वाली और अंग्रेजों से माफी मांगने वाली पार्टी होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के संगठनात्मक बदलावों पर सवाल उठाने से पहले अपने संगठन और अपनी राजनीति पर ध्यान देना चाहिए।
भूपेश बघेल का ‘काले अंग्रेज’ वाला वार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर हमला और तेज करते हुए उसके नेताओं को ‘काले अंग्रेज’ तक कह दिया। बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास अब कांग्रेस के खिलाफ कहने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह कांग्रेस के संगठन में हो रहे बदलावों को मुद्दा बना रही है। बघेल ने आरोप लगाया कि समाज को हिंदू-मुस्लिम, आदिवासी और दलित-गैर दलित जैसे अलग-अलग वर्गों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक कांग्रेस इसके विपरीत देश को जोड़ने की राजनीति करती है।
संगठन में बदलाव के सवाल पर BJP को ही घेरा
कांग्रेस में प्रदेश प्रभारी और संगठनात्मक स्तर पर बार-बार हो रहे बदलाव भाजपा के निशाने पर हैं। इसी मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर भूपेश बघेल ने भाजपा पर ही पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में भी समय-समय पर प्रभारी बदलते रहे हैं। बघेल ने ‘हंटर वाले’, ‘धोती वाले’ और ‘हाफ पैंट-चड्ढी वाले’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए भाजपा के संगठनात्मक बदलावों पर निशाना साधा। दुर्ग के प्रशिक्षण शिविर से कांग्रेस नेताओं के बयानों को देखें तो पार्टी फिलहाल संगठन में बदलाव को लेकर भाजपा के सवालों का सीधे बचाव करने के बजाय राजनीतिक विमर्श को दूसरी दिशा में ले जाती दिख रही है।
कांग्रेस ने भाजपा के संगठनात्मक सवालों का जवाब भाजपा की कथित ‘विभाजनकारी राजनीति’ के मुद्दे से देने की कोशिश की है। यानी एक तरफ भाजपा कांग्रेस के संगठन में बदलाव को उसकी कमजोरी से जोड़कर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे भाजपा की राजनीति पर हमला करने के मौके के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग छत्तीसगढ़ की सियासत में और तेज होने के संकेत दे रही है।


