कोरबा 10 सितंबर 2026। कोरबा में अपराध और अवैध कारोबार पर लगाम कसने की पुलिस की कोशिशों के बीच एक बार फिर पुलिसिंग में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने तबादला आदेश जारी करते हुए नगर कोतवाली की कमान निरीक्षक से हटाकर सब इंस्पेक्टर साहू को सौंप दी है। वहीं कोतवाली प्रभारी रहे निरीक्षक प्रमोद डनसेना को समंस-वारंट सेल का प्रभारी बनाया गया है। पुलिस विभाग में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब शहर और उपनगरीय इलाकों में डीजल चोरी और कबाड़ के अवैध कारोबार को लेकर पुलिसिंग पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालांकि तबादले के आदेश में इसे प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन मौजूदा हालात में इसे कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग में कसावट से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि कोरबा जिले को औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी के साथ जिले में डीजल और कबाड़ के अवैध कारोबार की शिकायतें भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं। हाल के दिनों में कटघोरा क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और ट्रेलरों से डीजल चोरी की घटनाएं सामने आईं। एक मामले में डीजल चोरी करने पहुंचे आरोपियों की स्कॉर्पियो को एक ट्रेलर चालक ने टक्कर मारते हुए उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया था। घटना का वीडियों वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आये और एक्शन लिया गया। इस घटना ने अवैध डीजल कारोबार के नेटवर्क और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
इसी तरह पिछले दिनों ही पुलिस कंट्रोल रूम में शिकायत के बाद कोतवाली समेत बालको और उरगा पुलिस ने कबाड़ और चोरी का केबल जब्त करने की ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बावजूद इन गतिविधियों को लेकर उठती शिकायतों ने थाना और चौकी स्तर की पुलिसिंग की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे माहौल में एसपी सिद्धार्थ तिवारी का नया तबादला आदेश मैदानी पुलिसिंग को और कसने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी कोरबा पुलिस में प्रशासनिक दृष्टिकोण से लगातार फेरबदल होते रहे हैं। नए आदेश के तहत सब इंस्पेक्टर साहू को कटघोरा थाना से कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि नगर कोतवाल रहे प्रमोद डनसेना को समंस-वारंट सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसपी द्वारा जारी आदेश में कुल 6 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है, इनमें 2 निरीक्षक, 2 उप निरीक्षक और दो आरक्षक शामिल है। है। फेरबदल का उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना और जरूरत के मुताबिक अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती करना बताया गया है। अब देखने वाली बात होगी कि कोतवाली में नेतृत्व परिवर्तन के बाद डीजल चोरी, कबाड़ के अवैध कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है। फिलहाल नए पदस्थापना आदेश के बाद कोरबा की पुलिसिंग में आने वाले बदलाव पर सबकी नजर है।



