रायपुर 30 जून 2026। कोरिया जिले में हुए बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब सीबीआई करेगी। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता और निष्पक्ष जांच की मांग को देखते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दे इस हत्याकांड में भाजपा नेता समेत तीन लोगों की नृशंस तरीके से हत्या की गई थी। आरोपियों ने एक फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी, जबकि एक अन्य युवक पर धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी समेेत सभी 12 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है।
गौरतलब है कि कोरिया जिले के नौगोईं गांव में यह सनसनीखेज वारदात 16 जून की रात हुई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि रेत के कारोबार और उसके वर्चस्व को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि हालात खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। घटना के समय एक ही परिवार के पांच लोग फॉर्च्यूनर कार में सवार थे। आरोप है कि हमलावरों ने कार को घेरकर उसमें पेट्रोल छिड़क दिया और आग लगा दी। आग की चपेट में आने से भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं हमलावरों ने भाजपा नेता के भाई वीरेंद्र सिंह पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी भी हत्या कर दी।
कोरिया जिले में हुए इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ रेत के अवैध कारोबार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी से पूछताछ जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। हालांकि मृतकों के परिजनों ने शुरुआत से ही स्थानीय पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। अब राज्य सरकार की मंजूरी के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा जाएगा। माना जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी हत्या की साजिश, रेत कारोबार के नेटवर्क, आर्थिक हितों और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी।
प्रदेश में फिर उठे अवैध रेत कारोबार पर सवाल
कोरिया जिले में हुए ट्रिपल मर्डर केस ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में रेत के कारोबार को लेकर चल रही हिंसा और वर्चस्व की लड़ाई के साथ ही इस अवैध कारोबार पर राजनीतिक संरक्षण के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। ऐसे में सीबीआई जांच के आदेश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क और साजिश का खुलासा हो सकेगा या फिर यह मामला भी केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक ही सीमित रह जाएगा। ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।


