अंबिकापुर 24 जून 2026। सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित कृषि विभाग में पदस्थ प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ;एसएडीओद्ध की मुश्किले बढ़ गयी है। महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है। मामले की सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने संबंधित अधिकारी के तत्काल निलंबन की अनुशंसा करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के मुताबिक मामला उस समय सामने आया जब कृषि विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारियों ने प्रभारी एसएडीओ विनायक पाण्डेय के खिलाफ महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अधिकारी द्वारा लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था और महिला कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता था। कर्मचारियों का कहना था कि कार्यस्थल पर इस तरह के व्यवहार से न केवल उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा था, बल्कि कार्यालय का वातावरण भी प्रभावित हो रहा था।
सुनवाई में नहीं पहुंचे कृषि अधिकारी
महिला आयोग द्वारा मामले की सुनवाई के दौरान विनायक पाण्डेय के उपस्थित नहीं होने को भी आयोग ने गंभीरता से लिया। आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतों और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला गंभीर मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की। आयोग ने उप संचालक कृषि, अंबिकापुर को निर्देशित किया है कि पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाए। साथ ही अधिकारी के खिलाफ दो वेतनवृद्धियां रोकने की कार्रवाई करने और दो माह के भीतर जांच प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।
महिला आयोग का सख्त संदेश
महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी या निजी कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्रता या मानसिक उत्पीड़न को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने विभाग को निर्देश दिया है कि मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब निगाहें कृषि विभाग पर टिकी हैं कि आयोग की अनुशंसा के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं महिला कर्मचारियों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और उन्हें न्याय मिलेगा। यह मामला एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षाए सम्मानजनक माहौल और जवाबदेही के मुद्दे को केंद्र में ले आया है।

