खंडवा 28 जून 2026। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद तनाव के बीच रविवार सुबह वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया गया। गुड़ी वन परिक्षेत्र की आम खुजली बीट में नियमित गश्त पर निकली स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड पर कथित अतिक्रमणकारियों ने पत्थरों और लाठियों से हमला बोल दिया। इस घटना में आठ से अधिक वन कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें कई को गंभीर चोटें आई हैं।
जानकारी के मुताबिक घटना खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 748-749 में हुई। वन विभाग ने बताया कि वर्ष 2025 में भर्ती हुए 45 नवपदस्थ वनरक्षकों को प्रशिक्षण के बाद गुड़ी रेंज में तैनात किया गया है। यह विशेष दल जंगलों में अवैध अतिक्रमण रोकने और वन संपदा की सुरक्षा के लिए गठित किया गया था। रविवार सुबह टीम नियमित गश्त पर निकली थी। आरोप है कि पहले से घात लगाकर बैठे लोगों ने टीम के पहुंचते ही पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
इसके बाद लाठियों से हमला कर दिया गया। जिससे वनकर्मी संभलने का मौका भी नहीं पा सके। गुड़ी वन परिक्षेत्र में लंबे समय से वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। हाल ही में वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। वन कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी टीम पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
घायल कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
घायल वन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल मौके पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि वे करीब दो घंटे तक जंगल में घायल अवस्था में पड़े रहे। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि एक अन्य वन विभाग की टीम घटनास्थल की ओर आईए लेकिन जंगल में प्रवेश किए बिना ही वापस लौट गई। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से मामले की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
वन विभाग की टीम पर हुए इस हमले ने एक बार फिर जंगलों में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान यदि वनकर्मियों पर हमले होते हैंए तो उनके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि हमलावरों के खिलाफ कितनी जल्द कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

