रायपुर 6 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी से ठीक पहले पटवारियों की बेमियादी हड़ताल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी शुरू होनी है, लेकिन पटवारियों के काम पर नहीं लौटने से राजस्व संबंधी तैयारियां प्रभावित होने की आशंका है। हड़ताल खत्म कराने के लिए सरकार अब सख्त रुख अपनाती दिख रही है। राजस्व विभाग एस्मा लगाने की तैयारी में है। वहीं, 150 से ज्यादा हड़ताली पटवारियों को नोटिस जारी किया जा चुका है। पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष भागवत कश्यप को सरकार ने पहले ही निलंबित कर दिया गया है। दूसरी ओर, सरकार की कार्रवाई के बावजूद पटवारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
गौरतलब है कि धान खरीदी की तारीख नजदीक आने के साथ ही पटवारियों की हड़ताल सरकार के लिए बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनती जा रही है। एक तरफ सरकार धान खरीदी की तैयारियों को समय पर पूरा करना चाहती है, तो दूसरी तरफ पटवारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। ऐसे में सरकार की सख्ती और पटवारियों की जिद के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पटवारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के दूसरे रास्ते भी हैं। काम बंद रखने के बजाय बातचीत के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए।
सरकार उनकी मांगों पर चर्चा के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री की अपील के बाद भी पटवारी संघ अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है। ऐसे में 150 से अधिक पटवारियों को काम पर वापस लौटने को लेकर नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही सरकार एस्मा लगाने की तैयारी में है, ताकि धान खरीदी के कार्य में कोई समस्या न आ सके। वहीं दूसरी तरफ तूता धरना स्थल से हटाए जाने के बाद पटवारियों ने मठपुरैना स्थित हनुमान मंदिर परिसर को आंदोलन का नया केंद्र बना लिया है। गुरुवार को यहां बड़ी संख्या में पटवारियों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने भगवान से सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की और अपने खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध जताया।
निलंबन और नोटिस से नहीं टूटेगा आंदोलन : पटवारी संघ
पटवारी संघ के अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने कहा कि आंदोलन खत्म कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। संघ के पदाधिकारियों को निलंबित किया जा रहा है और पटवारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन खत्म नहीं होगा। एस्मा लगाए जाने को लेकर संघ को अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।


