नई दिल्ली/रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिलने की खबर है। ऐप के सह-प्रमोटर और करोड़ों रुपये के कथित अवैध सट्टा सिंडिकेट के आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अब उसे प्रत्यर्पित कर भारत लाने की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की जा रही है। यह कार्रवाई सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के तीन दिन बाद हुई है। एक सप्ताह के भीतर महादेव बेटिंग ऐप मामले में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया था। बुधवार को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने पूछताछ के लिए CBI को आठ दिन की कस्टडी रिमांड दी।
ED के आरोपों के मुताबिक, भिलाई निवासी रवि उप्पल दुबई में रहकर महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित अवैध कारोबार का संचालन करता था। अक्टूबर 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन करीब 45 दिन बाद उसे रिहा कर दिया गया। ED ने जनवरी 2024 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था। अब दोबारा गिरफ्तारी के बाद भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर महादेव बेटिंग ऐप सिंडिकेट के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। ED का आरोप है कि दोनों ने सट्टेबाजी से जुटाई गई रकम के लेनदेन और विदेशों में पैसों के नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभाई।
उप्पल को कथित तौर पर करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन की अहम कड़ी माना जा रहा है। ED के मुताबिक, दोनों ने भारत से बाहर जाने के बाद दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के देश वानुअतु की नागरिकता और पासपोर्ट हासिल किए थे। जांच एजेंसियां इस मामले में विदेशों में मौजूद संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और कथित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। वानुअतु दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है। यह मेलानेशिया क्षेत्र का हिस्सा है और करीब 80 द्वीपों से मिलकर बना है। इसकी राजधानी पोर्ट विला है। वानुअतु में निर्धारित निवेश या आर्थिक योगदान से जुड़ी नागरिकता योजनाएं भी हैं।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और आठ दिन की CBI रिमांड के बाद अब रवि उप्पल की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में महादेव ऐप के कथित वित्तीय नेटवर्क, हवाला लेनदेन और विदेशों में मौजूद सहयोगियों से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकते हैं। हालांकि, उप्पल को भारत लाने की प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई का विवरण आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। मामले में लगाए गए आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।


