कोरबा 30 अक्टूबर 2026। कोरबा जिले के कटघोरा में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्रवाई से हलचल मच गई है। टीम ने शुक्रवार को एक साथ दो ठिकानों पर दबिश दी। इनमें कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल का आवास और नगर सैनिक दिलीप केंवट का ठिकाना शामिल है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित DMF घोटाले और जमीन-मुआवजा से जुड़े मामलों की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के यहां हुई कार्रवाई का संबंध कांग्रेस शासनकाल में जिला खनिज न्यास (DMF) मद से कराए गए करोड़ों रुपये के कार्यों से हो सकता है। बताया जाता है कि कांग्रेस सरकार के दौरान राज जायसवाल कटघोरा के तत्कालीन कांग्रेस विधायक पुरुषोत्तम कंवर के काफी करीबी माने जाते थे। कांग्रेस शासनकाल में ही आदिवासी विभाग में हुए करोड़ों रूपये के निर्माण व मरम्मत कार्यो में बंदरबांट और अधूरे कार्यो को लेकर तत्कालीन कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के फर्म समेत अन्य ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस में FIR भी दर्ज करायी गयी थी।
फिलहाल EOW की टीम किन कार्यों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, यह आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा। दूसरी कार्रवाई नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर की गई है। बताया जाता है कि दिलीप केंवट पूर्व में कटघोरा एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रहे हैं। सूत्रों के हवाले से आशंका जताई जा रही है कि टीम जमीन और मुआवजा से जुड़े पुराने मामलों के साथ अन्य प्रशासनिक प्रकरणों के दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। चर्चा है कि पूर्व में कटघोरा में पदस्थ रहे एक एसडीएम के कार्यकाल के दौरान जमीन और मुआवजा संबंधी मामलों में हुई कथित गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेजों की तलाश भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
राजधानी रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव के साथ ही कोरबा के कटघोरा में एक ही समय पर दो अलग-अलग ठिकानों पर EOW की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल टीम की जांच जारी होने की जानकारी है। कार्रवाई में क्या दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिले हैं और किन मामलों में पूछताछ की जा रही है, इसका खुलासा जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी के बाद ही हो सकेगा। अब निगाहें EOW की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।


