रायपुर 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में बस किराए में बढ़ोतरी और सरकारी भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने दोनों मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए महंगाई और युवाओं की परेशानियों को लेकर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस किराया बढ़ने को आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में एक तरफ महंगाई आम लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित कर रही है, तो दूसरी तरफ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश में बिजली बिल पिछले 3 साल में 5 बार बढ़ाया जा चुका है। अब बस किराए में एक साल में दूसरी बार बढ़ोतरी हुई।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए, रसोई गैस महंगी हो गई, बिजली की दरें बढ़ गईं, चीनी, खाने के तेल, लहसुन-प्याज सभी के दाम बढ़ गए।
सभी चीजें महंगी हो गई हैं। https://t.co/igJWDWK8BA
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) October 14, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस किराए में बढ़ोतरी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोग पहले से ही महंगाई से परेशान हैं और ऐसे में बस किराए में वृद्धि से आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। बघेल ने बिजली बिल, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जरूरी खर्चों में लगातार बढ़ोतरी से लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। ऐसे में परिवहन का खर्च बढ़ना भी आम परिवारों की परेशानी बढ़ा सकता है। कांग्रेस का कहना है कि बस किराया बढ़ने का असर खासकर उन लोगों पर पड़ता है, जो रोजाना काम, पढ़ाई या दूसरे जरूरी कामों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। पार्टी ने भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। भर्ती परीक्षाएं युवाओं के भविष्य और रोजगार के अवसरों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा हैं। ऐसे में कांग्रेस के आरोपों के बीच परीक्षा व्यवस्था, चयन प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की शिकायतों पर सरकार का रुख अहम होगा।
महंगाई और रोजगार बने सियासी बहस के केंद्र
बस किराए में बढ़ोतरी और भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने दो अलग-अलग मुद्दों को आम जनता और युवाओं की परेशानियों से जोड़कर सरकार पर हमला बोला है। एक तरफ परिवहन खर्च बढ़ने का सवाल है, तो दूसरी तरफ सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे युवाओं की अपेक्षाएं हैं। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है। वहीं, इन आरोपों पर राज्य सरकार का पक्ष और भर्ती व्यवस्था को लेकर उसका जवाब सामने आना बाकी है। फिलहाल, बस किराया वृद्धि और भर्ती परीक्षाओं को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इन सवालों पर क्या जवाब देती है और आम यात्रियों व नौकरी के अभ्यर्थियों की चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


