कोरबा 10 अक्टूबर 2026। कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मेगा प्रोजक्ट गेवरा खदान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खदान के विभिन्न माइनिंग पैचों का निरीक्षण किया और विभागीय व ठेका श्रमिकों से सीधे संवाद कर कामकाज, मशीनों की सुरक्षा और कार्यस्थल की सुविधाओं की जानकारी ली। दौरे की शुरुआत में चेयरमैन ने व्यू पॉइंट से खदान का अवलोकन किया और माइन प्लान की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विभागीय पैच का निरीक्षण किया, जहां पार्थ शॉवेल और 240 टन क्षमता वाले डंपर के ऑपरेटरों से बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान बी. साईराम भारत की पहली टाटा हिताची 21 क्यूबिक मीटर क्षमता वाली इलेक्ट्रिक शॉवेल पर भी चढ़े और ऑपरेटर केबिन का जायजा लिया। उन्होंने ऑपरेटर से मशीन के सुरक्षा फीचर्स और एर्गोनॉमिक्स के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही कृष्णा शॉवेल का भी निरीक्षण किया। इसके बाद चेयरमैन ने केजेएसएल के कोल फेस का निरीक्षण किया और वहां कार्यरत ठेका श्रमिकों से बातचीत की। देव माइनिंग पैच के दौरे के दौरान उन्होंने विभागीय कर्मचारियों और ठेका कंपनी के श्रमिकों से भी संवाद किया। इसके अलावा पीएनसी और सैनिक माइनिंग पैच का निरीक्षण किया।
उत्पादन और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा
दौरे के दौरान बी. साईराम ने गेवरा हाउस में दीपका और गेवरा टीमों के साथ बैठक की। इसमें उत्पादन, उत्पादकता और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। कोल इंडिया चेयरमैन अपने दौरे के अगले दिन दीपका और कुसमुंडा खदानों का भी निरीक्षण करेंगे। इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी-संचालन) रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी-योजना एवं परियोजना) नृपेन्द्र नाथ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


