Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    CG: कोरबा में अतिथि शिक्षकों की भर्ती, 10 अक्टूबर को वॉक-इन इंटरव्यू; 35 हजार तक मिलेगा मानदेय

    06/10/2026

    CG Politics: रिसाली चुनाव से पहले भूपेश बघेल का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- ‘न तनख्वाह के लिए पैसा, न पेंशन देने के लिए’

    06/10/2026

    CG Politics: युवा कांग्रेस चुनाव पर घमासान, अपने ही नेता ने उठाए सवाल तो BJP ने साधा निशाना; ‘लोकतंत्र’ के दावे पर कांग्रेस से पूछे सवाल

    06/10/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, October 6
    DW HindiDW Hindi
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • हेडलाइन
    • बड़ी ख़बर
    • छत्तीसगढ़
    • उद्योग
    • राजनीति
    • ब्यूरोक्रेटस
    • खेल
    • वायरल न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • क्राइम
    • शिक्षा
    • अन्य
      • सेहत
      • आस्था
      • काम की खबर
      • कैरियर
      • जरा हटके
    DW HindiDW Hindi
    Home»आस्था»Guru Pradosh Vrat 2026: कब है अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा
    आस्था

    Guru Pradosh Vrat 2026: कब है अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

    DW HindiBy DW Hindi05/10/2026
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    Guru Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। अक्टूबर महीने का पहला प्रदोष व्रत गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

    मान्यता है कि गुरु प्रदोष व्रत रखने और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से आरोग्य, ज्ञान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर 2026 की रात 11:16 बजे शुरू होगी और 8 अक्टूबर 2026 की रात 10:15 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि और प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि के आधार पर अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत 8 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है।

    गुरु प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष काल भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी होता है। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। गुरु प्रदोष व्रत को विशेष रूप से ज्ञान, सुख-समृद्धि, आरोग्य और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

    गुरु प्रदोष व्रत की कथा

    पौराणिक मान्यता के अनुसार एक बार देवताओं और असुरों के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में देवताओं की विजय हुई। विजय के बाद देवगुरु बृहस्पति ने भगवान शिव की आराधना की और प्रदोष व्रत की परंपरा शुरू की। गुरु प्रदोष से जुड़ी एक अन्य कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि एक नगर में एक धर्मपरायण ब्राह्मणी रहती थी। उसके पति का निधन हो चुका था और वह अपने दो पुत्रों के साथ जीवन व्यतीत कर रही थी। एक दिन उसका पुत्र नदी में स्नान करने गया। वहां वह अचेत हो गया।

    कथा के अनुसार गंधर्व कन्याओं ने उसकी सहायता की और बताया कि उस बालक को नगर के राजा के यहां चोरी के झूठे आरोप में फंसाया गया है। ब्राह्मणी ने भगवान शिव की भक्ति करते हुए गुरु प्रदोष व्रत रखा। उसकी श्रद्धा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने राजा को स्वप्न में दर्शन दिए और निर्दोष बालक को तत्काल मुक्त करने का आदेश दिया। राजा ने भगवान शिव के आदेश का पालन करते हुए बालक को सम्मानपूर्वक मुक्त कर दिया और उसकी माता को धन-संपत्ति भी प्रदान की। मान्यता है कि इसी तरह भगवान शिव की कृपा से गुरु प्रदोष व्रत करने वाले भक्त के संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति, ज्ञान एवं सौभाग्य आता है।

    गुरु प्रदोष व्रत में कैसे करें भगवान शिव की पूजा

    प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, अक्षत, फूल और धतूरा आदि अर्पित कर सकते हैं। भगवान शिव को बेलपत्र विशेष प्रिय माना जाता है। शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करना विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या शिव स्तुति का पाठ कर सकते हैं। पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती करें और परिवार की सुख-शांति तथा आरोग्य की कामना करें।

    प्रदोष व्रत में किन बातों का रखें ध्यान ?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दौरान मन, वचन और कर्म से सात्विक रहने का प्रयास करना चाहिए। भगवान शिव की पूजा में श्रद्धा और भक्ति को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही उपवास करना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर कठोर उपवास करने के बजाय फलाहार या सात्विक आहार का विकल्प अपनाया जा सकता है।

    गुरु प्रदोष व्रत का सार

    तिथि: 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार
    तिथि: आश्विन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
    आराध्य देव: भगवान शिव और माता पार्वती
    नाम: गुरु प्रदोष व्रत
    धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

    8 अक्टूबर 2026 Pradosh Vrat Pradosh Vrat Katha अक्टूबर प्रदोष व्रत गुरु प्रदोष गुरु प्रदोष व्रत 2026 प्रदोष व्रत प्रदोष व्रत कथा प्रदोष व्रत पूजा विधि भगवान शिव शिव पूजा
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    DW Hindi
    DW Hindi

    DW Hindi is a trusted Hindi news platform delivering latest Chhattisgarh, national, politics, crime, business, sports and breaking news updates.

    Related Posts

    Indira Ekadashi 2026: पितरों को समर्पित इंदिरा एकादशी आज, घी-हींग का चौमुखी दीपक बदल सकता है आपकी किस्मत, आज शाम करें ये खास उपाय

    06/10/2026

    Matru Navami 2026: मातृ नवमी आज, जानिए किसे किया जाता है याद और घर पर कैसे करें श्राद्ध

    03/10/2026

    Feng Shui Tortoise Tips: घर में फेंगशुई कछुआ रखने की सही दिशा कौन सी है ? जानिए क्रिस्टल, धातु और लकड़ी के कछुए के नियम

    03/10/2026
    Don't Miss

    CG: कोरबा में अतिथि शिक्षकों की भर्ती, 10 अक्टूबर को वॉक-इन इंटरव्यू; 35 हजार तक मिलेगा मानदेय

    DW Hindi06/10/2026

    कोरबा, 05 अक्टूबर 2026। दिशा प्रोजेक्ट के अंतर्गत अतिथि शिक्षकों के अस्थायी नियोजन के लिए…

    CG Politics: रिसाली चुनाव से पहले भूपेश बघेल का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- ‘न तनख्वाह के लिए पैसा, न पेंशन देने के लिए’

    06/10/2026

    CG Politics: युवा कांग्रेस चुनाव पर घमासान, अपने ही नेता ने उठाए सवाल तो BJP ने साधा निशाना; ‘लोकतंत्र’ के दावे पर कांग्रेस से पूछे सवाल

    06/10/2026

    CG: बारिश के बाद सड़कों के काम को मिलेगी रफ्तार, धमतरी में 101 करोड़ के 6 प्रोजेक्ट मंजूर

    06/10/2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) WhatsApp
    About Us

    Editor: Vijay Kumar

    Office Address: Shop No. 08, Mudapar Complex,
    Near Ambedkar Bhawan,
    Korba, Chhattisgarh – 495677,
    India

    Email: dwhindi24x7@gmail.com

    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    © 2026 DW HINDI. Designed by Nimble Technology.
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.