रायपुर 6 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग के आरोपों के बीच अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस के भीतर से उठी इस आवाज को बीजेपी ने अपने लिए बड़ा राजनीतिक हथियार बना लिया है और सीधे कांग्रेस के संगठनात्मक लोकतंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पेज ‘X’ पर लिखा कि…..”कांग्रेस में लोकतंत्र का ढोल पीटने वालों की असलियत अब खुद कांग्रेस के नेता ही सामने ला रहे हैं। यूथ कांग्रेस के चुनाव पर सवाल उठाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग ने एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और संगठनात्मक अव्यवस्था को उजागर कर दिया है।”
कांग्रेस में लोकतंत्र का ढोल पीटने वालों की असलियत अब खुद कांग्रेस के नेता ही सामने ला रहे हैं।
यूथ कांग्रेस के चुनाव पर सवाल उठाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग ने एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और संगठनात्मक अव्यवस्था को उजागर कर दिया है। https://t.co/LfWmgMKCmN
— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) October 5, 2026
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हो रहे युवा कांग्रेस चुनाव को प्रत्याशियों और नेताओं की ओर से ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम, अतिरिक्त वोट जुड़ने और कथित फर्जी मतदान को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। युवा कांग्रेस चुनाव विवाद में अब पूर्व मंत्री शिव डहरिया के सामने आने से मामला और राजनीतिक हो गया है। डहरिया ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को गंभीर बताते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की है। यानी जिस संगठनात्मक चुनाव को कांग्रेस अपने युवा संगठन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तौर पर पेश कर रही थी, उसी प्रक्रिया पर पार्टी के वरिष्ठ नेता की ओर से सवाल उठना बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का मौका दे रहा है।
छत्तीसगढ़ बीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज ‘X’ पर कांग्रेस पर तीखा हमला किया। बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस में लोकतंत्र की बात करने वाले नेताओं की असलियत अब कांग्रेस के अपने नेता ही सामने ला रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि युवा कांग्रेस चुनाव रद्द करने की मांग और कथित फर्जी वोटिंग के आरोप कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी और संगठनात्मक अव्यवस्था को उजागर करते हैं।
एक तरफ CEC पर सवाल, दूसरी तरफ अपने चुनाव पर घिरी कांग्रेस
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक पहलू यही है कि एक तरफ कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में उसके अपने युवा संगठन का चुनाव विवादों में घिर गया है। बीजेपी इसी विरोधाभास को लेकर कांग्रेस पर हमला कर रही है। उसका सवाल है कि अगर कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाती है, तो उसे अपने संगठनात्मक चुनाव में उठ रही शिकायतों का भी जवाब देना चाहिए। हालिया दिनों में कांग्रेस के भीतर से ही ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम में कथित तकनीकी गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग को लेकर आवाजें उठी हैं।
14 लाख से ज्यादा वोट और फिर उठे सवाल
रिपोर्टों के अनुसार छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव में ऑनलाइन मतदान 30 अगस्त से 29 सितंबर तक चला और करीब 14 लाख 56 हजार वोट पड़ने की जानकारी सामने आई। मतदान के लिए ‘With IYC’ ऐप का इस्तेमाल किया गया। मतदान खत्म होने के बाद भी वोटों की संख्या में बदलाव और कथित फर्जी आईडी के जरिए वोटिंग के आरोप सामने आए। कुछ शिकायतों में वर्चुअल नंबर और OTP के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की तकनीकी जांच और आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
कांग्रेस के सामने दोहरी चुनौती
युवा कांग्रेस चुनाव का विवाद अब केवल पार्टी के अंदर का संगठनात्मक मामला नहीं रह गया है। इसके राजनीतिक मायने भी निकलने लगे हैं। कांग्रेस के सामने अब दो सवाल हैं—पहला, क्या चुनाव प्रक्रिया पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी ? और दूसरा, क्या जांच पूरी होने तक परिणामों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी ? दूसरी ओर बीजेपी इसे कांग्रेस के खिलाफ व्यापक राजनीतिक अभियान से जोड़ रही है। पहले भी बीजेपी नेताओं ने युवा कांग्रेस चुनाव में कथित फर्जी मतदान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
छत्तीसगढ़ की मौजूदा राजनीति में कांग्रेस और बीजेपी के बीच चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा पहले ही बड़ा राजनीतिक हथियार बना हुआ है। ऐसे में युवा कांग्रेस चुनाव पर कांग्रेस के भीतर से उठी आपत्ति बीजेपी के लिए हमला करने का नया आधार बन गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि युवा कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या कथित फर्जी वोटिंग व तकनीकी गड़बड़ियों की जांच के बाद चुनाव परिणामों को लेकर कोई बड़ा फैसला होता है। फिलहाल इतना तय है कि युवा कांग्रेस का संगठनात्मक चुनाव अब सिर्फ पार्टी के युवा संगठन का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सियासत में कांग्रेस के ‘आंतरिक लोकतंत्र’ बनाम बीजेपी के ‘संगठनात्मक पारदर्शिता’ के दावे की नई राजनीतिक लड़ाई बनता दिख रहा है।


