रायपुर 21 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल की गिरदावरी को लेकर राजस्व पटवारी संघ और शासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। संघ ने 2026-27 की खरीफ फसल गिरदावरी PV (फसल भौतिक सत्यापन) ऐप के माध्यम से कराने के नए निर्देश का पूरी तरह बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पटवारी संघ ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और भू-अभिलेख संचालक को पत्र भेजकर पहले की तरह भुइयां पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फसल गिरदावरी कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि शासन ने खरीफ गिरदावरी 2026-27 के लिए 17 अगस्त से 30 सितंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की है। इस दौरान पटवारियों द्वारा DCS और ऑनलाइन फसल एंट्री का काम किया जा रहा था। संघ का कहना है कि अचानक पटवारी आईडी से ऑनलाइन फसल एंट्री बंद कर दी गई और 18 सितंबर को PV ऐप के माध्यम से फसल गिरदावरी करने के निर्देश जारी कर दिए गए।पटवारी संघ ने अचानक प्रक्रिया बदलने पर आपत्ति जताई है।
संघ के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू करने से पहले तकनीकी और मैदानी स्तर की समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है। पटवारी संघ का कहना है कि DCS में उपलब्ध नक्शा करीब तीन साल पुराना है। इस दौरान मौके पर किए गए कई नक्शा विभाजन अभी तक DCS में अपडेट नहीं हुए हैं। संघ के मुताबिक, ऐसी स्थिति में मौके पर किसान की सहमति के बिना संबंधित खसरे की सही पहचान करने में परेशानी हो सकती है। इससे गिरदावरी की प्रक्रिया में गलत एंट्री होने की आशंका भी जताई गई है।
खेतों में पानी, चारों कोनों की फोटो लेना चुनौती
पटवारियों ने PV ऐप की प्रक्रिया को लेकर सबसे बड़ी व्यावहारिक समस्या खेतों की फोटो से जुड़ी बताई है। वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में खरीफ की फसल खेतों में खड़ी है और कई खेतों में पानी भी भरा हुआ है। संघ के अनुसार, PV ऐप में प्रत्येक खेत के चारों कोनों से फोटो लेना ऐसी परिस्थितियों में मुश्किल होगा। इसके अलावा कई गांवों में अभी 1,500 से लेकर 15 हजार तक खसरे फसल गिरदावरी के लिए लंबित बताए जा रहे हैं। पटवारी संघ का तर्क है कि सीमित समय में इतनी बड़ी संख्या में खसरों की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करना व्यावहारिक चुनौती है।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका
पटवारी संघ ने आशंका जताई है कि जल्दबाजी में गिरदावरी पूरी कराने से धान समेत अन्य खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रभावित हो सकती है। संघ का कहना है कि यदि गिरदावरी में देरी हुई या किसी किसान की फसल की एंट्री गलत हो गई तो संबंधित किसान को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, यह संघ की ओर से जताई गई आशंका है और इसका वास्तविक प्रभाव प्रक्रिया के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। पटवारी संघ ने फसल की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया में कृषि विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया है। संघ का कहना है कि फसल संबंधी सत्यापन की प्रक्रिया में कृषि विभाग को अलग रखना उचित नहीं है।
PV ऐप के बहिष्कार का ऐलान
राजस्व पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि वह PV ऐप के जरिए खरीफ फसल गिरदावरी का पूर्ण बहिष्कार करेगा। संघ की मुख्य मांग है कि पहले की तरह भुइयां पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन गिरदावरी कराई जाए, ताकि प्रक्रिया में तकनीकी और मैदानी दिक्कतें कम हों और समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रभावित न हो।
दबाव बनाया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि PV ऐप से गिरदावरी कराने के लिए पटवारियों पर दबाव बनाया गया तो प्रदेशभर के पटवारी बिना पूर्व सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि शासन और पटवारी संघ के बीच इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है। खरीफ फसल की गिरदावरी सीधे किसानों की फसल एंट्री और आगे होने वाली समर्थन मूल्य पर खरीदी से जुड़ी है, इसलिए समय रहते प्रक्रिया को लेकर बनी असहमति दूर करना महत्वपूर्ण होगा।



