कोरबा 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कोरबा प्रवास के दौरान साय सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्रदेश में कथित अवैध कारोबार और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। महंत ने दावा किया कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी सरकार के कामकाज से नाराज हैं और इसी वजह से विधानसभा में सरकार के खिलाफ आक्रामक नजर आते हैं। महंत ने कहा कि कांग्रेस अभी सरकार के खिलाफ इसलिए ज्यादा आक्रामक नहीं हो रही है, क्योंकि सरकार का कार्यकाल पूरा होने में अभी ढाई साल बाकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को फिलहाल सरकार को “देखना और सहना” है।
महंत ने बीजेपी के भीतर नाराजगी की वजह बताते हुए कहा कि पार्टी के कुछ लोगों का “हिस्सा छीना जा रहा है”। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब, रेत, कोयले और ट्रांसफर में हिस्सा नहीं मिलने की वजह से बीजेपी के कुछ लोग ज्यादा आक्रोशित हैं। डॉ. महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी की सुनते नहीं हैं और विधानसभा में मंत्री विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय पिछली कांग्रेस सरकार की कमियां गिनाते रहते हैं। महंत ने आरोप लगाया कि विधानसभा में पूछे गए सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार के मंत्री पुराने मामलों का उल्लेख करते हैं। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
DMF को लेकर बोले- ‘घोटाले हुए तो जांच की मांग हमने ही की’
जिला खनिज न्यास यानी DMF से जुड़े कथित घोटालों को लेकर सवाल पूछे जाने पर डॉ. चरणदास महंत ने अपनी ही सरकार के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान भी कई जगहों पर DMF के कामकाज में गड़बड़ी और कथित घोटाले सामने आए थे। हालांकि, महंत ने कहा कि कांग्रेस ने इन मामलों को दबाने के बजाय सार्वजनिक रूप से जांच की मांग की थी और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। महंत ने कहा कि जिन मामलों में अनियमितताएं सामने आईं, उनमें दोषियों के खिलाफ निलंबन से लेकर जेल और अन्य कानूनी कार्रवाई तक हुई है। इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने मौजूदा सरकार पर भी सियासी निशाना साधा।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अभी जो दोष ओढ़ रहे हैं लोग, इन लोगों को भी एक दिन जेल में ही जाना पड़ेगा। इस बात को उनको समझ में नहीं आ रहा है। हमसे सीखें कि कहीं-कहीं गलती जो हुई है, उसका तो लोग जेल जा रहे हैं, सस्पेंड हो रहे हैं, सभी मामलों में सजाएं हो रही हैं। तो हम लोग भी तो करेंगे न, इस बात को छोड़ेंगे थोड़े ही।” महंत का यह बयान ऐसे समय आया है जब छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार, अवैध कारोबार, रेत और कोयला तथा सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि बीजेपी और राज्य सरकार महंत के इन गंभीर आरोपों पर क्या जवाब देती है और क्या सरकार की ओर से इन दावों को लेकर कोई तथ्य या कार्रवाई का विवरण सामने रखा जाता है।


