रायपुर 1 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में मोबाइल दुकान से लाखों रूपये कीमती मोबाइल फोन चोरी होने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बघेल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए X पर लिखा कि….“ये एक गंभीर मामला है कि मुख्यमंत्री के गृहनगर में चोर पकड़े नहीं जा रहे। कितनी शर्मनाक बात है कि पुलिस कह रही है चोर ढूंढ़ने के लिए पेट्रोल-डीज़ल के पैसे नहीं हैं। यह सही समय है जब आप इस गृहमंत्री को विदा कर दें मुख्यमंत्री जी।”
ये एक गंभीर मामला है कि मुख्यमंत्री के गृहनगर में चोर पकड़े नहीं जा रहे।
कितनी शर्मनाक बात है कि पुलिस कह रही है चोर ढूंढ़ने के लिए पेट्रोल-डीज़ल के पैसे नहीं हैं।
यह सही समय है जब आप इस गृहमंत्री को विदा कर दें मुख्यमंत्री जी। @vishnudsai https://t.co/GV5Nlgazvx
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) August 31, 2026
जानकारी के मुताबिक पूरा मामला जशपुर जिले के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र का है, जहां 12 अगस्त की देर रात जय स्तंभ चौक स्थित एक मोबाइल दुकान में चोरी हुई थी। बताया जा रहा है कि चोर लाखों रुपये कीमत के करीब 140 मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। आरोप है कि वारदात के 18 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है और चोरी गए मोबाइल फोन भी बरामद नहीं हुए हैं।इस मामले को लेकर भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में चोरों का नहीं पकड़ा जाना गंभीर मामला है।
बघेल ने पुलिस के पास चोरों को पकड़ने के लिए पेट्रोल-डीजल के पैसे नहीं होने की कथित बात पर तंज कसते हुए लिखा, “ये एक गंभीर मामला है कि मुख्यमंत्री के गृहनगर में चोर पकड़े नहीं जा रहे। कितनी शर्मनाक बात है कि पुलिस कह रही है चोर ढूंढ़ने के लिए पेट्रोल-डीज़ल के पैसे नहीं हैं।” इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गृहमंत्री को हटाने की मांग करते हुए कहा, “यह सही समय है जब आप इस गृहमंत्री को विदा कर दें मुख्यमंत्री जी।”
थाने के सामने हुई चोरी, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
चोरी की यह वारदात जिस मोबाइल दुकान में हुई, वह जय स्तंभ चौक पर पुलिस थाने के सामने स्थित बताई जा रही है। यही वजह है कि मामले को लेकर पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि चोर दुकान से 140 मोबाइल फोन लेकर निकले और इसके बाद बस में बैठकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मोबाइल फोन एक्टिवेट होने का दावा
दुकानदार की ओर से दावा किया जा रहा है कि चोरी किए गए कुछ मोबाइल फोन लगातार एक्टिवेट हो रहे हैं। इसकी जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर चोरी के मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं तो उनकी तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कितनी आगे बढ़ी है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुलिस ने कथित तौर पर व्यापारी से यह तक कहा कि चोरों की तलाश में जाने के लिए पेट्रोल के पैसे उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि इस दावे पर पुलिस या सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का सरकार पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को लेकर सिर्फ चोरी के मामले पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था से जोड़ दिया है। कांग्रेस पहले भी राज्य में अपराध की घटनाओं को लेकर विष्णुदेव साय सरकार को घेरती रही है। जशपुर की घटना ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक और मौका दिया है। खास बात यह है कि मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले से जुड़ा है। ऐसे में विपक्ष का सवाल है कि जब मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ही चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है, तो प्रदेश के दूसरे हिस्सों में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या होगी?


