चेन्नई 31 अगस्त 2026। तमिलनाडु की नई सरकार में शामिल कांग्रेस और अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK के बीच प्रधानमंत्री पद को लेकर मतभेद के संकेत मिलने लगे हैं। विजय की पार्टी की ओर से चल रहे ‘विजय फॉर PM’ कैंपेन के बीच कांग्रेस कोटे के पर्यटन मंत्री राजेश कुमार ने साफ चेतावनी दी है कि अगर TVK ने 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन नहीं दिया, तो कांग्रेस के मंत्री सरकार से बाहर हो सकते हैं। राजेश कुमार ने कहा कि 2029 में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन में TVK की ओर से राहुल गांधी को समर्थन नहीं देने की स्थिति बनती है, तो कांग्रेस कोटे के मंत्री कैबिनेट का हिस्सा नहीं रहेंगे।
‘विजय फॉर PM’ पोस्टर से बढ़ी सियासी हलचल
दरअसल, तमिलनाडु में विजय के समर्थकों और TVK नेताओं की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के तौर पर पेश करने का कैंपेन चल रहा है। हाल के दिनों में ‘विजय फॉर PM’ जैसे पोस्टर भी सामने आए हैं। TVK नेताओं ए. अर्जुन और शरद कुमार की ओर से भी विजय को लेकर इस तरह के कैंपेन किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि विजय ने खुद प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर अब तक कोई स्पष्ट सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। यही वजह है कि कांग्रेस के लिए TVK का यह कैंपेन असहज स्थिति पैदा कर रहा है। कांग्रेस के कई नेता पहले भी विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट किए जाने की चर्चाओं से दूरी बनाते रहे हैं।
कांग्रेस नेता बोले- ‘फैन क्लब का माइंडसेट’
विजय को लेकर चल रहे प्रधानमंत्री पद के कैंपेन पर कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम पहले ही प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने ऐसे पोस्टर और दावों को ‘फैन क्लब का माइंडसेट’ बताया था। हालांकि अब कांग्रेस मंत्री राजेश कुमार के बयान ने गठबंधन के भीतर राजनीतिक खींचतान की चर्चा को और तेज कर दिया है। उनका बयान सीधे तौर पर TVK के सामने कांग्रेस की प्राथमिकता स्पष्ट करता है।
क्या 2029 के लिए विजय को तैयार किया जा रहा है ?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि TVK का ‘विजय फॉर PM’ कैंपेन सिर्फ समर्थकों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा है या पार्टी वास्तव में विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रोजेक्ट करने की तैयारी कर रही है। फिलहाल TVK की ओर से विजय को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में इस कैंपेन को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। तमिलनाडु की नई सरकार के लिए गठबंधन को बनाए रखना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक, विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है, जबकि TVK के पास अपने दम पर 107 सीटें हैं।
ऐसे में सरकार के लिए कांग्रेस का समर्थन अहम है और दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए भी सत्ता में बने रहने के साथ गठबंधन की राजनीतिक दिशा महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि ‘विजय फॉर PM’ बनाम ‘राहुल गांधी फॉर PM’ की संभावित टकराहट फिलहाल गठबंधन के भीतर सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल बनती दिख रही है। आने वाले समय में TVK की ओर से इस मुद्दे पर रुख स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चलेगा कि यह महज समर्थकों का कैंपेन है या 2029 की बड़ी राजनीतिक रणनीति का संकेत।


