Health Tips: रक्षाबंधन का त्योहार मिठाइयों के बिना अधूरा सा लगता है। देशभर में आज रक्षाबंधन मनाया जा रहा है और इस मौके पर घरों में तरह-तरह की मिठाइयां आती हैं। परिवार के साथ खुशियां मनाने के बीच अक्सर लोग स्वाद के चक्कर में जरूरत से ज्यादा मिठाई खा लेते हैं। लेकिन मिठाइयों का अधिक सेवन सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। खासतौर पर डायबिटीज, प्रीडायबिटीज, मोटापे या फैटी लिवर से जूझ रहे लोगों को त्योहार के दौरान अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. अमित प्रकाश सिंह के मुताबिक, त्योहारों के दौरान ज्यादा मात्रा में चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अनहेल्दी फैट्स का सेवन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है। इसका असर ब्लड शुगर और वजन पर भी पड़ सकता है। फैटी लिवर ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। डॉक्टर के मुताबिक, लंबे समय तक ज्यादा चीनी और फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक गड़बड़ियों का कारण बन सकता है, जिससे फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है।
जिन लोगों को पहले से फैटी लिवर है, उन्हें त्योहार के दौरान मिठाइयों और ज्यादा कैलोरी वाले भोजन के सेवन पर विशेष नियंत्रण रखना चाहिए। गुलाब जामुन, जलेबी, रसगुल्ला, पेड़ा और लड्डू जैसी मिठाइयों में चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। एक साथ कई मिठाइयां खाने से ब्लड ग्लूकोज तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए अचानक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए त्योहार के दिन भी मिठाइयों की मात्रा पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
त्योहार में स्वाद भी लें और सेहत भी संभालें
रक्षाबंधन जैसे त्योहार खुशी और परिवार के साथ समय बिताने के लिए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मिठाइयां जरूरत से ज्यादा खाई जाएं। खासकर डायबिटीज, मोटापे और फैटी लिवर वाले लोगों को कम मात्रा में मिठाई लेने और संतुलित खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। त्योहार के दौरान मीठे के साथ नियमित भोजन, पर्याप्त पानी और शारीरिक गतिविधि का भी ध्यान रखें। अगर आपको डायबिटीज या कोई दूसरी मेटाबॉलिक समस्या है, तो अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार खान-पान और दवाओं का ध्यान रखना बेहतर है।


