Health Tips: शराब पीने वालों के लिए जरूरी खबर: पार्टी या किसी खास मौके पर शराब का एक पैग लेना भले ही सामान्य लगे, लेकिन अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं या नियमित दवाएं ले रहे हैं तो यह आदत परेशानी बढ़ा सकती है। कुछ दवाओं के साथ शराब लेने से दवा का असर बदल सकता है और गंभीर साइड इफेक्ट का खतरा बढ़ सकता है। खासकर लिवर की बीमारी, गर्भावस्था और कुछ खास दवाओं के इस्तेमाल के दौरान शराब से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं वे 10 स्थितियां, जब शराब से बचना चाहिए।
1. लिवर की बीमारी में
फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या सिरोसिस जैसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए शराब नुकसानदायक हो सकती है। लिवर पहले से बीमारी और दवाओं के असर को संभाल रहा होता है। ऐसे में शराब उसकी परेशानी बढ़ा सकती है।
2. पैरासिटामोल लेते समय रहें सावधान
बुखार और दर्द में इस्तेमाल होने वाली पैरासिटामोल कई दवाओं में मौजूद होती है। इसकी अधिक मात्रा लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। शराब के साथ इसका इस्तेमाल खास तौर पर जोखिम बढ़ा सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना दोनों को साथ लेने से बचें।
3. पेनकिलर के साथ शराब
इबुप्रोफेन, नैप्रोक्सेन और एस्पिरिन जैसी कुछ दर्द निवारक दवाओं के साथ शराब लेने से पेट में जलन और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। अगर ऐसी दवाएं चल रही हैं तो शराब से दूरी रखना बेहतर है।
4. ब्लड थिनर ले रहे हैं तो
Warfarin जैसी खून पतला करने वाली दवाओं के साथ शराब लेने से शरीर में रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसी दवाएं लेने वाले मरीजों को शराब के सेवन को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
5. नींद और चिंता की दवाओं के साथ
कुछ नींद की गोलियां और एंटी-एंग्जायटी दवाएं दिमाग और तंत्रिका तंत्र को धीमा करती हैं। इनके साथ शराब लेने पर अत्यधिक नींद, चक्कर और दूसरी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
6. गर्भावस्था में शराब से पूरी तरह दूरी
गर्भावस्था के दौरान शराब को सुरक्षित मानने वाला कोई तय स्तर नहीं है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को शराब से पूरी तरह बचने की सलाह दी जाती है। किसी भी दवा या सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
7. पेट में अल्सर या ब्लीडिंग की समस्या
अगर आपको पहले से पेट का अल्सर या गैस्ट्रिक ब्लीडिंग की समस्या है तो शराब परेशानी बढ़ा सकती है। खासकर पेनकिलर के साथ शराब लेने पर पेट से खून बहने का खतरा बढ़ सकता है।
8. ब्लड प्रेशर और दिल की दवाएं
कुछ हृदय और ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ शराब लेने से चक्कर, कमजोरी या ब्लड प्रेशर बहुत कम होने जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए ऐसी दवाएं लेने वाले लोग डॉक्टर से पूछे बिना शराब न लें।
9. गंभीर बीमारी या संक्रमण के दौरान
अगर शरीर किसी गंभीर संक्रमण या बीमारी से लड़ रहा है और कई दवाएं चल रही हैं, तो शराब से बचना बेहतर है। बीमारी के दौरान शरीर पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है और कुछ दवाओं के साथ शराब का असर परेशानी बढ़ा सकता है।
10. जब एक साथ कई दवाएं चल रही हों
अगर आप रोजाना कई तरह की दवाएं लेते हैं तो शराब पीने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। कई दवाओं में एक ही सक्रिय तत्व अलग-अलग नामों से मौजूद हो सकता है। ऐसे में शराब के साथ दवाओं का गलत संयोजन नुकसान पहुंचा सकता है।
‘एक पैग से कुछ नहीं होगा’ वाली सोच से बचें
शराब और दवाओं का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। यह दवा की किस्म, मात्रा, उम्र, स्वास्थ्य और लिवर की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए सिर्फ यह सोचकर शराब न लें कि मात्रा कम है तो नुकसान नहीं होगा। खासकर अगर आप लिवर की बीमारी से जूझ रहे हैं, गर्भवती हैं, ब्लड थिनर या पेनकिलर ले रहे हैं या कई दवाएं एक साथ चल रही हैं, तो शराब से दूरी रखना ज्यादा सुरक्षित है। ध्यान दें: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। अगर आप कोई नियमित दवा लेते हैं, तो शराब के साथ उसके संभावित असर के बारे में डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद या उसकी खुराक में बदलाव न करें।


