रायपुर 22 अगस्त 2026। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की कीट विज्ञान परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान पेपर लीक का कनेक्शन दुर्ग के एक निजी कॉलेज से सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, जांच के दौरान कुछ छात्रों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस आज पूरे मामले का खुलासा करेगी।
गौरतलब है कि 20 अगस्त को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की कीट विज्ञान की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र वॉट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंच गया। पेपर वायरल होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा स्थगित कर दी थी। इसके बाद मामले की शिकायत रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई गई। पेपर लीक की जांच में पुलिस ने रायपुर के अलावा दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में दबिश दी। पुलिस ने मोबाइल फोन, वॉट्सऐप चैट और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची और एक प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को प्रारंभिक जांच में आशंका है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले दुर्ग के एक निजी कॉलेज से बाहर निकला, जिसके बाद इसे वॉट्सऐप के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। पुलिस इस पूरे मामले को सिर्फ पेपर वायरल होने तक सीमित नहीं मान रही है, बल्कि यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र मूल रूप से किसके पास था और इसे परीक्षा से पहले बाहर निकालने में किस-किस की भूमिका रही।
अब तक 16 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। कवर्धा के दो छात्रों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। मोबाइल चैट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि लीक हुआ प्रश्नपत्र कितने छात्रों तक पहुंचा और इसके पीछे किसी आर्थिक लेन-देन या दूसरे उद्देश्य की भूमिका थी या नहीं।
मुख्यमंत्री ने दिए थे सख्त जांच के निर्देश
IGKV पेपर लीक मामले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल चैट की जांच तेज की। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक की शुरुआत कहां से हुई और इस नेटवर्क में अभी और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
परीक्षा स्थगित होने से छात्रों की बढ़ी परेशानी
प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले वायरल होने के बाद IGKV प्रबंधन को कीट विज्ञान की परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरे मामले में यह साफ होने का इंतजार है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था से प्रश्नपत्र किस स्तर पर बाहर निकला और इस पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों की क्या-क्या भूमिका थी। फिलहाल पुलिस पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।


