रायपुर 13 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री और सीनियर आदिवासी नेता ननकीराम कंवर ने अब GST विभाग में हुई पदोन्नति परीक्षाओं की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कंवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वर्ष 2021 और 2022 में आयोजित राज्य कर निरीक्षक के 42 पदों की पदोन्नति परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।
ननकीराम कंवर के मुताबिक दोनों वर्षों में करीब 350 विभागीय कर्मचारियों ने पदोन्नति परीक्षा में हिस्सा लिया था। उनका आरोप है कि परीक्षा विभागीय स्तर पर आयोजित की गई और पूरी प्रक्रिया में वह पारदर्शिता नहीं बरती गई, जिसकी अपेक्षा इतनी महत्वपूर्ण पदोन्नति परीक्षा में की जाती है। ननकीराम कंवर ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठाया है कि विभाग ने व्यापमं जैसी बाहरी एजेंसी से सहयोग क्यों नहीं लिया। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही थी।
ऐसे में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किसी स्वतंत्र एजेंसी की मदद ली जा सकती थी। कंवर का आरोप है कि विभागीय स्तर पर परीक्षा कराने से पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। पूर्व मंत्री ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि परीक्षा में तत्कालीन विभागीय आयुक्त समीर बिश्नोई के पीए और कुछ अन्य अधिकारियों से कथित रूप से जुड़े लोगों का चयन हुआ। ननकीराम कंवर ने मांग की है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ था या नहीं और यदि किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।
ननकीराम कंवर ने परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उत्तर पुस्तिकाओं पर न तो कोई मोहर थी और न ही संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर। कंवर का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा और प्रमाणिकता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आशंका जताई है कि इस तरह की व्यवस्था में बाद में उत्तर पुस्तिकाओं में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ED जैसी केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग
कंवर ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की जांच विभागीय स्तर पर कराने के बजाय किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी, जैसे ED, से कराई जाए। उन्होंने यह भी मांग रखी है कि यदि जांच में परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पदोन्नति प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए। फिलहाल ननकीराम कंवर की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर GST विभाग या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब इस पूरे मामले में जांच की मांग और उस पर सरकार की प्रतिक्रिया अहम होगी।


